हाये हाय रे गांजा दारु म यार...नशामुक्ति पर करमा गीत
ग्राम नराडी जिला डिंडोरी मध्यप्रदेश से रूप सिंह परस्ते नशामुक्ति से सम्बंधित एक करमा गीत सुना रहे हैं:
हाये हाय रे गांजा दारु म यार-
हो जाने बर्बाद मिस्ता बाजू मा रे-
गांजा की धरती हो गए विंगी तिनगी-
सलिया के लेगय दाढ़ टेकने सलिया-
धरुवा को लोग्ये काहे भैया मोल डंका-
हाये हाय रे गांजा दारु मा यार...
Posted on: Mar 01, 2018. Tags: SONG Sammat Singh Marawi VICTIMS REGISTER
जगा जगा महादेव जगादे महादेव...भजन गीत
ग्राम-धुमाडांड, पोस्ट-गोविंदपुर, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से साधू सिंह एक भजन सुना रहे हैं :
जगा जगा महादेव जगादे महादेव-
अदि शक्ति महादेव मेरे गुरु महादेव-
जगत गुरु महादेव सतगुरु महादेव-
वैदनाथ महादेव विश्वनाथ महादेव-
भोलेनाथ महादेव अमरनाथ महादेव-
जगा जगा महादेव जगादे महादेव...
Posted on: Mar 01, 2018. Tags: SADHU SINGH SONG VICTIMS REGISTER
हमर बुढा देवतला मनाये समाज में ख़ुशी छाये...सरना पूजन गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं उनके इलाके में कोट्राही पडारी में 21 को सरना पूजन हैं, वहां का निमंत्रण दे रहे हैं और उसके बारे में एक गीत सुना रहे हैं:
हमर बुढा देवतला मनाये समाज में ख़ुशी छाये-
संगी रे समाज में ख़ुशी छाये-
पांच गोत्र सगा नियम ला बनाबो-
पांच कलश में दीप जलाबो-
हमर बुढा देवतला मनाबो...
शरण में बुढा देव देवतला मनाबो-
शम्भु गौरा, लिंगो, कुपार नियम बनाबो-
हमर बुढा देवतला मनाबो...
Posted on: Mar 01, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
यूही कट जाएगा सफर सांथ चलने से...गीत
शासकीय पूर्व माद्यमिक शाला गोटुलमुंडा, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मान सिंह उसेंडी एक गीत सुना रहे हैं :
यूही कट जाएगा सफर सांथ चलने से-
कि मंजिल आयेगा नजर सांथ चलने से-
हम है राही प्यार के चलाना अपना काम-
पल भर में हो जाएगी हर मुस्किल नाकाम-
हौसला ना हारेंगे हम तो बाजी मरेंगे-
कहते हैं ये वादियां बदलेगा मौसम...
Posted on: Feb 27, 2018. Tags: MAN SINGH USENDI SONG VICTIMS REGISTER
कोई लाख करे चतुराई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई...सत्संग गीत
जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से महेन्द्र सिंह उइके एक गीत सुना रहे हैं:
कोई लाख करे चतुराई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई-
जरा समझो इसकी सच्चाई रे करम का लेख मिटे ना रे भाई-
इस दुनिया में भाग्य के आगे चले न किसी का उपाय-
कागज हो तो सब कोई बांचे करम ना बांचा जाय-
एक दिन किसी किस्मत के कारण बन को गइने रघुराई रे-
काहे मनवा धीरज खोता काहे तू नाहक रोय-
अपना सोचा कभी नही होता भाग्य करे सो होय-
चाहे हो राजा चाहे भिखारी, ठोकर यही सब ने खाई रे...

