सहकार रेडियो: बर्बर समय मे सीखना प्यार करना-कविता कृष्णपल्लवी...
श्रोताओं नमस्कार, सहकार रेडियो पर विचारों की यात्रा आप करेंगे कविता कृष्णपल्लवी की कविता से जिसका शीर्षक है- “बर्बर समय में सीखना प्यार करना”| इसे हमने साभार लिया है उनकी फ़ेसबुक वाल से। आवाज़ है पवन सत्यार्थी की|
https://youtu.be/u0gnHxF115w
https://www.sahkarradio.com/chart
Posted on: Aug 14, 2021. Tags: SAHKAR RADIO
सहकार रेडियो: विचार यात्रा कला, अहंकार और सत्य के बारे में – लियो टॉलस्टॉय-
प्रिय साथियो, ‘सहकार रेडियो’ का यह प्रयास सरकारों व कारपोरेट घरानों के दबाव से मुक्त रहकर लगातार चलता रहे, इसके लिए आपकी आर्थिक भागीदारी भी ज़रुरी है| श्रोताओं के लिए एक न्यूनतम (मासिक) सहयोग राशि तय की गई है| हमें लगता है कि सहयोग स्वरुप कम से कम इतनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन तो आपको करना ही चाहिए| हांलाकि यह सहयोग अनिवार्य नहीं, स्वैच्छिक है| 25 रूपए प्रतिमाह की दर से आप अपनी समयावधि और सहयोग की राशि चुन सकते हैं|
https://www.sahkarradio.com/chart/vichar-yatra-leo-tolstoy-1/https://youtu.be/78E0_AS83vk
Posted on: Aug 13, 2021. Tags: SAHKAR RADIO
सहकार रेडियो: विचार यात्रा शिक्षा और मानवता के बारे में- ईश्वरचंद विद्यासागर
श्रोताओं, विचारों की यात्रा में आज आप सुनेंगे ईश्वरचंद विद्यासागर के विचार, जो कि मानवता के विकास और शिक्षा के बारे में हैं| आवाज़ है प्रभात दर्शी की|
कार्यक्रम की यूट्यूब लिंक:
https://youtu.be/q0m7KkYej6g
वेबसाइट पर सुनें: https://www.sahkarradio.com/chart/education-and-humanity-ishvarchand-vidyasagar/
Posted on: Aug 12, 2021. Tags: SAHKAR RADIO
सहकार रेडियो: गाँव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है...
नमस्कार दोस्तो, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “कहानियों का कारवां” में आज सुनिए अन्धविश्वास और अफ़वाहों की विभीषिका पर आधारित कहानी “गाँव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है”| कहानी के लेखक हैं गाब्रिएल गार्सिया मार्केज और इसका हिंदी अनुवाद किया है श्रीकांत दुबे ने| आवाज़ें हैं साथी प्रभात, शिल्पी और पवन की|
https://www.sahkarradio.com
Posted on: Aug 12, 2021. Tags: SAHKAR RADIO
विचार यात्रा : व्यक्तित्व का आंकलन और आलोचना के बारे में-
श्रोताओं, विचारों की यात्रा में आज सुनिए मार्टिन लूथर किंग जूनियर और वोल्टेयर के विचार| आवाज़ है पवन सत्यार्थी की|
“व्यक्ति का निर्णायक आकलन इससे नहीं होता है कि वह सुख व सहूलियत की घड़ी में कहा खड़ा है, बल्कि इससे होता है कि वह चुनौती और विवाद के समय में कहां खड़ा होता है।”मार्टिन लूथर किंग जूनियर
“यदि आप यह जानना चाहते हैं कि कौन आपको नियंत्रित कर रहा है, तो उसकी आेर देखिए, जिसकी आलोचना आप नहीं कर सकते हैं।”
