हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा, समस्या ला रिकॉडिंग कराबो...सीजीनेट गीत-

ग्राम पंचायत-ककनार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट एक सीजीनेट गीत सुना रहे हैं :
हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा-
समस्या ला रिकॉडिंग कराबो-
रिकॉडिंग कराबो, समस्या ला बताबो-
हमार टोला मा-
हमार गांव मा आगे सीजीनेट गा-
सीजीनेट के नंबर सुख दुःख के आधार है...

Posted on: Apr 14, 2019. Tags: CG JAGDALPUR KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

हमारा गांव एक आदर्ष ग्राम है, गांव के विकास संबंधी सभी कार्यों को ध्यान दिया जाता है...कहानी-

ग्राम-कामानार, ब्लाक-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से मायाराम नाग बता रहे हैं| वर्तमान में वे गांव के सरपंच हैं| मायाराम सरकार की जो योजना है| उसका लाभ लोगो दिलाते हैं| गांव के सुख दुःख सभी कार्यों में शामिल होते हैं| गाँव में निवासियों को योजना संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध करते है| अपने ग्राम के विकाश के लिए प्रयास करते रहते हैं| इस तरह से काम कर के उन्होंने अपने गाँव को आदर्ष ग्राम का दर्जा दिलाया |

Posted on: Apr 14, 2019. Tags: BHAN SAHU CG JAGDALPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

सजगी पुलो पुली गेला, सबू बाटे झूली गेला...गीत-

ग्राम पंचायत-सामर डोंगरी, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से कविता, चंचला और दीपाली एक गीत सुना रही हैं :
सजगी पुलो पुली गेला, सबू बाटे झूली गेला-
ए सरगी फूलो रे, काम घटा झूलो रे-
आम फूलो फूली गेला, सबो बाटे झूली गेला-
ईमली फूलो फूली गेला, सबो बाटे झूली गेला...

Posted on: Apr 13, 2019. Tags: CG DASAMI KASHYAP JAGDALPUR SONG VICTIMS REGISTER

चल कूयु प्यार करब इतना की दुनिया याद करे रे...गीत-

ग्राम पंचायत-सामर डोंगरी, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी दसमी कश्यप और ममता रासमिता एक गीत सुना रही हैं :
चल कूयु प्यार करब इतना की दुनिया याद करे रे-
चल कूयु प्यार करब इतना की दुनिया याद करे रे-
न तोके लाज शरम, न तोके आया सनम-
कर बिन बदनाम होगे...

Posted on: Apr 13, 2019. Tags: CG DASAMI KASHYAP JAGDALPUR SONG VICTIMS REGISTER

गांव में आमा खाई त्योहार से पहले लोग आम नहीं खाते, किसान देवी देवतओं को बीज अर्पित करते हैं-

ग्राम-जमावाड़ा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से फुलसिंग अपने गांव में आज रविवार को हो रहे आमा खाई का त्योहार के बारे में बता रहे हैं| आमा खाई त्योहार उनके गांव का पारंपरिक त्योहार है| ये त्योहार कई वर्षो से वे मना रहे हैं| आम के पेड़ पर फल लगने पर ये त्योहार किसी भी दिन मना सकते हैं| इस दिन किसान अपने आने वाले अच्छे फसल के लिये देवी देवतओं को बीज समर्पित करते हैं| साथ ही नये फल को देवताओं को अर्पित कर घरो में उपयोग करते हैं| मेहमानों को बुलाते हैं| पूजा पाठ करते हैं| गांव में लोगो की मान्यता है कि इस त्योहार से पहले आम को खाने से उनके जीवन में बुरा प्रभाव पड़ता है| स्वास्थ्य खराब होने जैसे स्थिती होती है| जीवन में बाधा उत्पन्न होता है|

Posted on: Apr 13, 2019. Tags: BHAN SAHU CG CULTURE JAGDALPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

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