सामनें एक चौवपाल है...कविता-
ग्राम-रक्सा पोस्ट-फुनगा, थाना-भालुमाड़ा, तहसील-जैतहरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या एक कविता सुना रही है:
सामनें एक चौपाल है-
वहा पर कुछ लोग बेठे है-
तभी गीत ही एक ऊपर है-
चुह चुह चिड़िया चहकी-
मुह में मह मह कलियाँ महकी-
पूर्व दिशा में लाली गोली-
भारत माता बच्चों से बोली-
गीत से बस चीज के साथ...
Posted on: Nov 25, 2019. Tags: ANUPPUR MP DIVYAJOGI SONG VICTIMS REGISTER
भजन : महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता...
ग्राम-छोलकारी, पोस्ट-पसला , जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन गीत सुना रहें है:
महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता-
तो संकट सारे मिट जाते, निर्भय हमारा हो जाता-
इस भाव में अटकी है नईया, मल्लाहे तुम्ही तो हो गुरु वर-
थोड़ी मदद जो कर देते, नईया भी किनारा हो जाता-
मैं दुःख का सहायता हो दुखिया, क्यों मेरी याद भुलाए हो-
कर मेरे दुखों हर लेते, जीने का सहारा हो जाता-
महादेव तुम्हारे चरणों का, जब हमको फीका न हो जाता...
Posted on: Nov 17, 2019. Tags: ANUPPUR MP LALLURAM KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
लोक गीत : तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा...
ग्राम-ताराढाड़, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी छत्तीसगढ़ी लोक गीत सुना रहा है:
बटकी मा बाशी अउ चुटकी मा नून-
मैं गावत हव ददरिया तै कान दे के सुन-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
आमा टोरे खाहुच कहिके, मोला दगा मा दारे-
आहुच कहिके कुवां पार-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
एक पेड़ आमा छत्तीस पेड़ जाम-
मधुबन के चिरैया बोलथे राम-राम, कुवां पार मा-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा-
धान ला लुये टूटेला कनकी,
भगवान के मंदिर मा बजा दे बन्सी, कुवां पार मा-
तै अगोर ले बे रे संगी, जायेके बेरा कुवां पार मा...
Posted on: Nov 16, 2019. Tags: ANUPPUR MP BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
भजन : नौ दिन बर आयें दुर्गा दाई वो गढ़िया बाबा तोर भुवन मा...
ग्राम छोलकारी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक दुर्गा गीत सुना रहें है:
नौ दिन बर आयें दुर्गा दाई वो गढ़िया बाबा तोर भुवन मा-
गढ़िया बाबा तोर भुवन मा वो बाबा तोर भुवन मा-
जेमन आथे तोर सरण मा दुःख पिरा मिट जाथें-
श्रद्धा भावब से भक्ति करथे बाबा गजब सुख ला पाथें-
खाली झोली तोर भर जाही रे ढ़िया बाबा तोर भुवन-
नौ दिन बर आयें दुर्गा दाई वो गढ़िया बाबा तोर भुवन मा...
Posted on: Nov 16, 2019. Tags: ANUPPUR MP LALLULAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
कविता : अगर कंही मै घोडा होता वह भी लम्बा चौड़ा होता...
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं :
अगर कंही मै घोडा होता वह भी लम्बा चौड़ा होता-
तुम्हे पीठ पर बैठा करके बहोत तेज मै दौड़ा होता-
पलक झपकते मै उड़ जाता दूर पहाडियों के वादी में-
बाते करता उडी हवा से विनाये में आदि में-
अगर कंही मै घोडा होता वह भी लम्बा चौड़ा होता...
