मईया तो सुन ले मेरा पुकार...गीत-

ग्राम-इन्दरपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामचंद सिंह एक गीत सुना रहे हैं:
मईया तो सुन ले मेरा पुकार-
माँ शेरावाली ले ले न मेरा जोहर-
माँ मेहरो वाली ले ले न मेरा जोहार-
जग को बना दे दुःख को तू हर दे-
आया हूँ मईया तेरा द्वार माँ शेरावाली-
विपदा को हर दे झोली को भर दे-
विपदा को हर दे न मा, मा शेरोवाली... (AR)

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: CG RAMCHANDRA SINGH SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

राज मिस्त्री का काम करते हैं और प्रशिक्षण देते हैं...

ग्राम-मोरघियायी, ब्लाक-धनोरा, जिला-सिवनी (मध्यप्रदेश) से बीरसिंह मरकाम बता रहे हैं वे राज मिस्त्री हैं और राज्य सरकार के तरफ से वे इसका प्रशिक्षण भी देते हैं, 2 साल से वे प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं, अभी तक लगभग 150 लोगो को प्रशिक्षण दे चुके हैं, एक दिन 750 रुपये तक कमाई कर लेते हैं, जिससे उनके परिवार पालन पोषण होता है, इस काम को कर के वे खुश हैं, उनका कहना इससे उनका नाम होता है और लोगो को रोजगार मिलता है : संपर्क नंबर@8435668419. (AR)

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: BIRSINGH MARKAM MP SEONI SONG STORY VICTIMS REGISTER

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संदेश...

दिल्ली से राजेश पाठक अन्तराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी को बधाई देते हुये संदेश दे रहे हैं योग का अर्थ ही है जोड़ना
यह विश्व ही परिवार हो-
सब के लिये सब प्यार हो-
आदर्श लक्ष्य महान हो-
माँ सरस्वती बरदान दे-
अयम निरा करोग की-
गढ़ना लघु चेतताम...
जब योग का अर्थ सबको जोड़ना है तो आज हम ये संकल्प करें कि योग को अपने जीवन में उतारें, ताकि हमारे अंदर जो उर्जा है उसे योग से बाहर निकालकर निरोग बने, योग हमें आत्मिक बल देता है| (AR)

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: DELHI RAJESH PATHAK SONG VICTIMS REGISTER YOG DIWAS

हाय आमा डारा ला हाय...कर्मा गीत-

थाना-अमरकंटक, तहसील-राजेंद्रग्राम, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से पुष्पा बाई एक गीत सुना रही हैं:
हो हो हाय आमा डारा ला हाय-
ओ लेगे भगवान तोर के माया ला रे-
संगत के साथी छोड़ो मै फिरो अकेला-
हाय रे मै फिरो अकेला-
अउ खुदत खुदत संगी छोड़ो-
मै फिरो अकेला आमा डारा रे... (AR)

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: ANUPPUR MP PUSHPA BAI SONG VICTIMS REGISTER

बुवाई से पहले बीजा पूजा करने की परंपरा आदिवासी समुदाय में...

भामरागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से सुरेश सोनवानी आदिवासी समाज के परंपरा के विषय पर रामदास मरावी से चर्चा कर रहे हैं, रामदास बता रहे हैं, बीज बोने से पहले उनके समाज में पूजा करने की प्रथा है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है, इस कार्यक्रम को वे बीजा पूजा के नाम से जानते हैं, इसमे केवल परिवार के सदस्य शामिल होते हैं, दूसरा परिवार शामिल नहीं हो सकता है, अभी बीजा करने का समय चल रहा है, इसके बाद ही बीज बुवाई का काम होगा| साल में एक बार इसे किया जाता है| (AR)

Posted on: Jun 21, 2020. Tags: CULTURE GADCHIROLI MH SONG STORY SURESH SONWANI VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »