माटी ला छोड़े तै हा जावाथस जा रे बेटा...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-नवलपुर, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से प्रमोद साहू एक गीत सुना रहे हैं :
माटी ला छोड़े झन जाना-
माटी ला छोड़े तै हा जावाथस जा रे बेटा-
जल्दी तै लहुट के आना-
ओहो लाला जल्दी लहुट के आना-
इही माटी मा बेटा खेले कूदे हावस गा-
माटी के कर्ज चुकाना...
Posted on: Aug 08, 2019. Tags: CG MUNGELI PRAMOD SAHU SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासी मूलनिवासी गाँव के रहवासी...गीत-
ग्राम पंचायत-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी बता रहे हैं| 9 अगस्त को पूरे विश्व के आदिवासी अपनी संस्कृति, परम्परा को लेकर विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाते हैं| इस अवसर पर वे एक गीत सुना रहे हैं :
रेला रेला रेला रे रेला-
आदिवासी मूलनिवासी रे रेला-
आदिवासी मूलनिवासी गाँव के रहवासी-
9 अगस्त के आदिवसी दिवस मनाना है-
वन में चरईया बोले, भौरा गुनगुनावाथे गा...
Posted on: Aug 08, 2019. Tags: CG ROOPLAL MARAVI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पहिला में मगिहा दया, दूसरा में चर्चा...गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अखिलेश एक भजन गीत सुना रहे हैं :
पहिला में मगिहा दया, दूसरा में चर्चा-
तीसरा में नमन करिहा, चौथा में परनाम-
पहिला में मगिहा दया, दूसरा में चर्चा-
तीसरा में नमन करिहा, चौथा में परनाम...
Posted on: Aug 08, 2019. Tags: AKHILESH BALRAMPUR CG SONG VICTIMS REGISTER
Impact : होम लाईट लग जाने से बिजली की सुविधा हो गयी है-
पंडोपारा, ग्राम पंचायत-मोहली, ब्लॉक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ज्ञानचंद जयसवाल बता रहे हैं| कि पंडोपारा में 20 घर है| पारा में सौर ऊर्जा लाईट कनेक्शन 2 किलोमीटर दूर से दिया गया था| उससे ग्रामीणों को 2 घंटा भी लाईट की रोशनी नहीं मिलती थी| जिससे ग्रामीणों को बहुत दिक्कत होती थी| जिस समस्या को उन्होंने सीजीनेट में 5 जुलाई 2018 के रिकॉर्ड किया था| जिसके बाद दिसंबर 2018 में गाँव में होम लाईट लग गया है| जिससे उनकी समस्या हल हो गयी| इसलिये वे मदद करने वाले सभी साथियों को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क नंबर@6260335804.
Posted on: Aug 07, 2019. Tags: CG GYANCHAND JAISWAL IMPACT STORY SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ...गीत-
चिरमिरी, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अक्षय कुमार सूर एक गीत सुना रहे हैं :
रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ-
हांथो में सब के खंजर चुपचाप देखता हूँ-
जिसमे पला है मेरे बचपन का लमहा लमहा-
उजड़ा हुआ सबो घर चुपचाप देखता हूँ-
हांथो में सब के खंजर चुपचाप देखता हूँ-
रिश्तो के सारे मंजर चुपचाप देखता हूँ...
