मेरा मुनाफा बढ़ गया- कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| कहानी कई शीर्षक है “मेरा मुनाफा भाद गया”:
मिलावटी लाल का शहर मै एक होटल था| वो सभी सामान मै मिलावट करके बेचता था| होटल चलता था मगर उतना मुनाफा नहीं होता था जितना उसे उम्मीद था|
वो सोंचता था के सभी समानो मै तो मिलावट कर लेता हुँ पर पानी मै कुछ मिलावट नहीं कर पाता हुँ, यदि पानी मै भी कुछ मिलावट हो तो और मुनाफा होगा| एक दिन उसका दोस्त आया जो शराब पीता था| वो अपने इस शराबी दोस्त को ये बात बोला| उसने कहा के पानी मै शराब मिला दो और ये कह कर वो चला गया|
मिलावटी लाल के मन मै ये बात बेठ गयी और उसने शराब मंगा कर पानी मै मिला दिया| ग्राहक आये और उन्हें पानी के साथ शराब दिया गया| शराब का आनंद लेकर ग्राहक दस रूपए का खाना बीस रूपए का खाया| होटल चलने लगा और मुनाफा भादने लगा| एक दिन वही शराबी दोस्त आया और भीड़ भाड़ देख के बोला के मेरा आईडिया कैसा लगा| मिलावटी लाल बोला काफी खूब|
Posted on: May 17, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
अच्छा था कुंवारा ...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं|
वनाराशी मामा बड़ा ही कंजूश था, उसके माता पिता का निधन हो चूका था| परिवार में वो अकेला था, उसके पास एक कपडे का दुकान था| उसमे उसने एक नौकर रखा था, उससे मामा सारा काम, घर से लेकर दुकान का कराता था और खुद भी कर लेता था| एक दिन दूर गांव से उसकी मौसी आयी| मौसी को देख मन ही मन मामा बोला, ये बूढी कहा से आ गयी| फिर मौसी ने बोला, वनाराशी शादी कर ले, एक लड़की देखा है बोलो तोह बात चलाऊं| फिर लड़की के माता पिता से मिलकर लड़की पसंद किया और फिर शादी हो गयी, बच्चे हुए फिर खर्चे बढ़ गए| फिर वनाराशी सोचा, अच्छा था कुंवारा, कहा शादी करके फस गया, खर्चे बढ़ गए|
Posted on: May 16, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
भाई भाई का प्यार...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं| पंचवटी के स्वर्ण कुट्टी में लक्मण पर्ण कुट्टी पर बैठा हुआ सोच रहा था| 14 वर्ष का वनवास अकेला कैसे कटेगा, राम भैया और सीता भाभी अपने स्वर्ण कुट्टी में रहेंगे उनके सामने में कैसे जाऊंगा| तभी राम ने लक्मण को आवाज़ लगायी, कहा ये पर्ण कुट्टी का घास ये खिसक गया है, वर्षा कभी भी हो सकता इससे ठीक कर दो, अपना भी कुटिया देख लेना| लक्मण फिर चला गया| फिर राम सीता से कहते हैं, सीते लक्मण हमारे लिए कितना कस्ट उठा रहा है, इसको तो वनवास भी नहीं हुआ है| सीता बोली, यही तोह भाई भाई का प्यार है|...
Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
आज के ज़माने में सत्य की कथा...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कथा सुना रहे हैं| सत्य युग में सत्य चार पैरो पर खड़ा था| त्रेता युग में 3 पैरो पे खड़ा था| द्वापर युग में 2 पैरो पे आ गया| कलयुग में 1 पैर पे खरा है, जो कभी भी गिर सकता है, क्यूंकि आज लोग झुठ का सहारा ले कर चल रहे है, बात बात पे झुठ बोलना लोगो की आदत बन गयी है| सबसे बड़ा झुठा नेता होते है, जो झुठ बोलकर कुर्सी पे बैठ जाते है| पांच वर्षो तक ऐश करते है, पोजीशन बना लेते है और फिर ज़िन्दगी भर के पेंशन मिलना सुरु हो जाता है| मोबाइल के आने के बाद इसका बोल वाला ओर बढ़ गया है| पैसा का लेन-देन का मामला हो तोह ओर ज्यादा झुठ बोलते है| सब एक दुसरे से झुठ बोलते हैं|
Posted on: May 15, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
हमारा गाँव- कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कहानी सुना रहे हैं|
शहर से दूर बसा सा एक छोटा सा, सुन्दर सा गाँव| गाँव के चारो तरफ खेत घास, चारो तरफ हरयाली ही हरयाली है| गाँव से दूर बहती एक साफ नदी| बजरंगबली का मंदिर गाँव की सुन्दरता का मुख से वरना नही किया जा सकता|
गाँव मै २-४ पक्के मकान, कुछ कच्चे माकन, कुछ जोप्दा,से अचाल अचाल्वित था| गाँव मै छोटा प्राइमरी स्कूल गाँव का सोबा बढ़ा रहा था, जहा केवल ५ क्लास तक की पढाई होती थी| तीन ही शिक्षक थी|
वह पांचू क्लास को पढ़ाते थी, फिर भी अच पढाई होता था| गाँव के बच्चे सुशील थी, शांति से लगन लगा के पढाई करते थी, शिक्षक भी मण लगा के पढ़ाते थे| सही मानो तो वहा सभी सत्य लोग रहते थी, सभी मिलजुल कर रहते थी, एक दुसरे कई मदत करते थी| कोई भी आफत आती थी तो सभी मिल कर मुकाबला करते थी|
एक दिन एक शेहरी गाँव मै आया, उसको देख कर के गाँव वाले उससे मिलने आये|
उसके पास एक कैमरा था और उसने गाँव के मुख्या से बोला कई वो गाँव कई कुछ तस्वीरें लेना चाहता है और उसका फिल्म बने गा जिस कई वाजे से गाँव का नाम रोशन होगा|
गाँव का मुख्या पड़ा लिखा समजदार था, उसने मन्ना नहीं किया|
शेहरी बाबु गाँव के खेत खल्याँ, बाघ बघिचे, नदी तालाब, किसनू के, बच्चू के कई तस्वीरे लिया और चला गया|
उसने वो तस्वीर डायरेक्टर को दिखाया और डायरेक्टर का मण आया और वो अपने सात हीरो हेरोइन को लेके आया| उसने गाँव मै आके फिल्म बनाया, और फिल्म रिलीज़ हुआ| फिल्म बहुत चला और गाँव का नाम रोशन हुआ|
