ऐरी बहनों पति धर्मो से रहिनो...दादरा गीत-
ग्राम-करौंदा टोला, थाना-अमरकंटक, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से पुष्पा बाई एक दादरा गीत सुना रही हैं :
ऐरी बहनों पति धर्मो से रहिनो-
ऐरी बहनों अपने ससो को गाली मत देना-
ऐरी बहनों अपनी माता समझना-
ऐरी बहनों अपने ससुरो को गाली मत देना-
ऐरी बहनों अपनी पिता जी समझना-
ऐरी बहनों अपने जेठो को गाली मत देना-
ऐरी बहनों अपने भईया समझना...
Posted on: Aug 16, 2019. Tags: ANUPPUR MP PUSHPA BAI SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ की एक नृत्य कला : कठसाठ -
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार छत्तीसगढ़ में होने वाले नृत्य कला के विषय में जानकरी दे रहे हैं| भारत में हर जगह अलग-अलग नृत्य कला के प्रकार हैं| इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में अबूझमांड में होने वाली नृत्य कला कठसाठ इन्ना इनमे से एक है इसमें युवक व युवतियां माघ के पर्व में नाचते हैं| कठसाठ कसना से बना है| कसना का अर्थ खेलना होता है| जिसमें ख़ुशी से देवी-देवता नाचते या खेलते हैं| जिसे कठसाठ कहते हैं| गोंडी में इसे माडी कठसाठ इन्ना कहते हैं| युवक कमीज, कोट, बनियान, पंख, दर्पण, भूतमाला माला पहनते हैं, कौड़ी माला व पंख युतिया पहनती है| जो बहुत जयादा प्रभावित होने पर प्रेम सूत्र में भी बंध जाते हैं| सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Aug 16, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बरस लागय ना...सावन गीत-
बहिनी दरबार, ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से उषा एक सावन गीत सुना रही हैं:
पूर्व बापा छिवना से उठी रे बदरिया-
बरस लागय ना-
ओ है नमी-नमी बुंदिया बरस लागय ना-
अपने महलिया से ससुर निहारें-
भिगत आवे ना-
मोरी पतली पतोहिया भिगति आवे ना...
Posted on: Aug 16, 2019. Tags: MP REWA SONG USHA VICTIMS REGISTER
इंसान अपने जीवन को कभी काबू में नहीं ला सकता...कविता-
ग्राम-मेंढारी, पोस्ट-करमडिहा, थाना-बसंतपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से धनू कुमार नेटी एक कविता सुना रहे हैं :
इंसान अपने जीवन को कभी काबू में नहीं ला सकता-
अखंडमय शक्ति धरती में है-
एसी शक्तियां हम जैसे इंसानों को विवाद नहीं कर सकती-
जब हम जमी खो देते हैं-
तब-तब भगवान हमें अलग-अलग रूप में दर्शन देते हैं...
Posted on: Aug 16, 2019. Tags: BALRAMPUR CG DHANU KUMAR POEM SONG VICTIMS REGISTER
बहना तो वो हैं जो हर दिन भाई का दुःख में सहारा बनते हैं...कविता-
ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक कविता सुना रहे हैं :
बहना तो वो हैं जो हर दिन भाई का-
दुःख में सहारा बनते हैं-
बहना तो वो हैं-
जो दुःख सुख का साथी बनते हैं-
बहना तो वो हैं-
जो भाई के लिये एक शुभ संदेश लाती हैं...
