पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सल प्रभवित परिवार को मुआवजा मिल गया है, नौकरी नही मिली...कृपया मदद करें
जेलवाडा शिविर बीजापुर, जिला-बीजापुर, (छत्तीसगढ़) से बुधराम बता रहे हैं कि उनके पिता जी गाँव के मुखिया थे उनका उम्र लगभग 70 के हो चुके थे बिना कारण ही उन्हें नक्सलियों ने घर में आकर कुल्हाड़ी से ह्त्या कर दिए | पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि मिल गया है | लेकिन अब तक सरकारी नौकरी नही मिली है, ये साथी छत्तीसगढ़ सरकार से मदद की मांग करते हैं की नक्सल प्रभावित परिवार को सरकारी नौकरी दिलाने में मदद करें|SP@755 322 0152, 755 322 0392. (183943)
Posted on: Jan 25, 2021. Tags: BIJAPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से शुभम जनरल नॉलेज बता रहे हैं, जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Jan 25, 2021. Tags: EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER
कोनो देखे हवव का बहिनी...भजन गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण माली भजन गीत सुना रहे है:
हु हु आ आ आ आ आ-
कोनो देखे हवव का बहिनी
मोर गायईया चराईया मोहना ला-
मोरे बंसी बजाईया कन्हैया ला-
कोनो देखे हवो का बहिनी- (GM)
Posted on: Jan 25, 2021. Tags: BHAJAN SONG VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: हम नक्सल पीड़ित हैं सरकार रोजगार नही दे रहा है गरीब हैं..
श्यामनगर, ब्लाक-अन्तःगढ़, जिला-कांकेर से मनीराम मरकाम बता रहे कि उन्हें नक्सलियों ने पुलिस के मुखबिर समझ कर बहुत परेशान किया| जान सेमारने की धमकी दी लगातार परेशान होने से वे अपने गाँव छोड़कर श्याम नगरंतःगढ़ में जाकर बस गये हैं| रोजगार नही है मजदूरी करके अपना जीवन जी रहे हैं सरकार उन्हें कोई मदद नही कर रहा है | वे सरकार से मदद चाहते हैं कि उन्हें जीवन गुजारा करने में सहयोग करे|
Posted on: Jan 25, 2021. Tags: CG KANKER SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: मै पहले नक्सली संगठन में था, आत्म समर्पण कर चुका हूँ, दिया गया नौकरी पुलिस वापस
श्यामनगर अन्तःगढ़, जिला-कांकेर, (छत्तीसगढ़) प्रभुनाथ बता रहे हैं कि वे पहले नक्सली में संगठन में सामिल थे वे अनेक घटनाएं भी किये हैं| लेकिन बाद में वे पुलिस के सामने अपना आत्म समर्पण कर दिया | उसके बाद से पुलिस ने उन्हें गोपनीय सुरक्षा बल का नौकरी दिया | लेकिन उन्हें 2015 में नौकरी से निकाल दिया गया | अब वे वापस नौकरी चाहते हैं जिससे अपने परिवार का पालन-पोषण ठीक तरह से कर सकें | सरकार अब तक कोई सुनवाई नही कर रहा है |
