नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये...कविता
जबलपुर (मध्यप्रदेश) से परिधि पट्टा एक कविता सुना रही हैं-
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये-
बाकी जो बचा था काले चोर ले गये-
अच्छा नानी प्यारी नानि रुस्सा-रस्सी छोड़ दे-
जल्दी से एक पैसा दे दे तु कंजूसी छोड़ दे... (183764 ) MS
Posted on: Jan 11, 2021. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
रोके ले रोकात नईखे आखीया से मीर रे...भोजपुरी गीत-
जिला-धनबाद (झारखंड) से कृष्णा एक भोजपुरी गीत सुना रहें है:
रोके ले रोकात नईखे आखीया से मीर रे-
लागता तो भेदता देहिया में तीर रे-
तो कोनो देश भुलागे माई रे-
बिना जान के जिया नही जाई हमके-
सुइया जहर के लगवा दे माई रे-
रोके ले रोकात नईखे आखीया से मीर रे...(183826) GT
Posted on: Jan 11, 2021. Tags: BHOJPURI SONG SONG VICTIMS REGISTER
माटी में मिल माटी पानी में पानी...हरयाणवी भजन गीत-
जिला-बीकानेर (राजिस्थान) से नारायण हरयाणवी भजन गीत सुना रहें हैं-
माटी में मिल माटी पानी में पानी-
अरे अभिमानी अरे अभिमानी-
पानी का बुलबुला जैसे तेरी जिंदगानी-
भाई बंदु तेरे काम ना आवें-
कुटुम्ब कबिला तेरे साथ ना जावें-
संग ना चलेंगे तेरे कोई भी प्राणी-
अरे अभिमानी अरे अभिमानी...(RM)
Posted on: Jan 11, 2021. Tags: BHAJAN SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्यस्वर : दमा रोग के घरेलू उपचार बता रहें हैं...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल दमा रोग का घरेलू उपचार बता रहे हैं, दमा रोग में खजूर अहम भूमिका निभाती हैं खजूर के सेवन से जमे हुए दमा रोग काप को निकालने में मदद करती हैं जिसे दमा रोग खत्म हो जाती हैं, खजूर और सोठ की चूर्ण में मिलाकर पान के साथ सेवन करने से बहुत ही लाभ होता हैं दमा रोग में भूख नही लगने से खजूर की चटनी बनाकर खाने से भूख में वृध्दि होती हैं और इसे पाचन शक्ति भी अच्छी रहती हैं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें संपर्क नंबर@9826040015.(179648) GT
Posted on: Jan 11, 2021. Tags: HEALTH SONG VICTIMS REGISTER
जीवन पथ पर चलना शिक्षक हमें बताते हैं...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) सुरेश कुमार से शिक्षक के विषय में एक कविता सुना रहें हैं-
जीवन पथ पर चलना शिक्षक हमें बताते हैं-
न्याय और अन्याय का मतलब शिक्षक हमें बताते हैं-
बालक जैसे-गीली मिटटी शिक्षक कुमार बन जाते हैं-
सत्य-न्याय की चाक पर रखकर सुन्दर कलश बनाते हैं-
जग में शिक्षक न होते तो सोचो फिर क्या होता-
पड़ी ही रहती बंजर भूमि, बीज कौन फिर बोता-
डाट-झपक और प्रेम की धमकी देकर हमें पढ़ाते हैं...(179907) GT
