डोकरा के दुख मा डोकरी दाई...छत्तीसगढी गीत-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढी गीत सुना रही हैं:
डोकरा के दुख मा डोकरी दाई-
दुबराई गए हे रे-
उमर पचासी माँ मोर बबा-
बऊराई गए हे रे-
भरे धान के कोठी बाबा कइथे-
दू खाड़ी मोला बेचन दे-
धोती बंगाली मा उमर पहागे-
सूट सफारी बिसावन दे...(RM)
Posted on: Jan 14, 2021. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
हमारें गांव में पानी की बहुत समस्या है, कृपया मदद करें-
ग्राम पंचायत-हलवा, (पटेलपारा) ब्लाक- दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से सावित्री मांडवी बता रही है की उनके गांव के वार्ड क्रमांक 1 में हैंडपंप से लाल पानी निकलता है, आधा किलोमीटर दूर कुआं का पानी पीना पड़ रहा है, 15 घर कि बस्ती है, इसके लिए उन्होंने कलेक्टर के पास आवेदन कियें है परन्तु अभी तक नहीं बना है, इसलिए सीजीनेट साथियों से मदद कि अपील कर रहे हैं कि दीए गए नंबरों से बात कर समस्या का समाधान कराने में मदद करें: संपर्क@9302675185, सरपंच@9407669883, सचिव@9406109008, CEO@8959393222, कलेक्टर@8488956694.(183876) GT
Posted on: Jan 14, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER WATER PROBLEM
Impact :सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड करने पश्चात् समस्या का समाधान हो गया...
ग्राम पंचायत-देवगांव, पोस्ट-बांडापाल, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तिसगढ़) से जागेश्वर सलाम बता रहें है कि उनके गांव के आमापारा में पानी कि बहुत समस्या थी आवेदन करने पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहें थे फिर 1 माह पहले सीजीनेट स्वर में अपना संदेश रिकॉर्ड किए थे फिर 1 सप्ताह बाद हैंडपंप बन गया| जिससें सीजीनेट सुनने वाले साथियों की मदद से समस्या से संबधित अधिकारीयों बात पर हैंडपंप बनवाने में मदद किये इसलिए सभी पद अधिकारी एंव सीजीनेट सुननें वाले साथियों को धन्यवाद दे रहें हैं|(183678) GT
Posted on: Jan 14, 2021. Tags: IMPAICT STORY SONG VICTIMS REGISTER
बता मेरे यार सुदामा रे...हरयाणवी भजन गीत-
जिला-बीकानेर (राजिस्थान) से नारायण हरयाणवी भजन गीत सुना रहें हैं:
बता मेरे यार सुदामा रे-
भाई बड़े दिनों में आया-
बालक घर जब आया करता-
रोज खेल के जाया करता-
कैक टकरार सुदामा रे-
भाई बड़े दिनों में आया-
बता मेरे यार सुदामा रे...(RM)
Posted on: Jan 14, 2021. Tags: BHAJAN SONG VICTIMS REGISTER
जंगल सफारी की कहानी-
अनमोल कुमार चंद्राकर नया नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से एक कहानी सुना रहें है:
एक गांव में जंगल रहिसे हमन घुमे ला जंगल सफारी गे रहेन सुबह में ताहा घूमत-घुमत दोपहर होगे, फिर खाना खाए फिर घूमें बन चालू करेन फिर घुमत घुमत शाम होगे, फिर हमन सोचें शेर नही हवे करके घर जात रहेन एकदम अँधेरा हो गे रहिस जी फिर हमन घर आगन| (183928) GT
