गाँव में सड़क नहीं है, लोगो का आवागवन और विकास बाधित होता है...

ग्राम-बट्टीगुडेम, पंचायत-कृष्नासागर, ब्लाक-भुर्गुमफाड, जिला-भद्रादी कोत्तागुडम (तेलंगाना) से संन्या से बता रहे हैं| गॉंव में रोड नहीं है| मेन रोड से गाँव की दूरी 15 किलोमीटर है| लोगो को आने जाने में दिक्कत होती है| बच्चो को स्कूल जाने में दिक्कत होती है| गाँव में सड़क की सुविधा का न होना गाँव के विकास में एक बाधा है|

Posted on: Jul 14, 2019. Tags: BHADRADI KOTHAGUDAM PODIAM NARENDRA STORY TELANGANA

Impact : विस्थापित परिवारों को मुवावजे की राशि मिल गई...

ग्राम, तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता बता रहे हैं| अम्बुजा कंपनी द्वारा विस्थापित परिवारों के मुवावजा की राशि जमा कर देने के बाद भी शासन द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा था| जिसे उन्होंने सीजीनेट में रिकॉर्ड कराया था| जिसके कुछ दिनो बाद परिवारो को मुवावजे की राशि का भुगतान कर दिया गया है| लोगो की मांग थी| कि राशि चार गुना किया जाये| जो हो चुका है| उदय पटेल का मामला जो न्यायलय के फैसले के बाद भी रुका था| अब सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियों की मदद से पूरा हो गया है| इसलिये वे धन्यवाद दे रहे हैं| जिन्होंने उनकी मदद की| राजेंद्र गुप्ता@9993891275.

Posted on: Jul 14, 2019. Tags: CG IMPACT STORY RAIGARH RAJENDRA SONG VICTIMS REGISTER GUPTA

सरकार की मदद से स्वसहायता समूह चलाकर अपना जीवन यापन करते हैं...

ग्राम-गढ़बेंगाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से लछंदी हुसेंडी, सुगाय सोरी, निरबती मंडावी बता रही हैं| वे अपने साथियों के साथ स्वसहायता समूह चलाती हैं| जिसमे वे होटल का काम करते हैं| उसी से अपनी जीविका चलाते हैं| समूह में 11 सदस्य हैं| 6 साल वे काम कर रहे हैं| ये काम उन्होंने सरकार की मदद से शुरू किया था| और वे काम आगे बढ़ा रहे हैं| सभी अपने काम से खुश हैं|

Posted on: Jul 07, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG NARAYANPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

आदिवासी समुदाय के लोग शिकार के लिये धनुष और गुलेल का उपयोग करते हैं...

ग्राम-चिन्नार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल ग्रामवासी बृजेश यादव, नट्टू, दिनेश, कंडी बता रहे हैं| वे वनों में जाकर पछियों का शिकार करते हैं| चूहों का शिकार करते हैं| इसके लिये धनुष और गुलेल का इस्तेमाल करते हैं| आदिवासी ग्रामीण शर्दी, गर्मी, बरसात सभी समय शिकार करते हैं| वे ग्रुप बनाकर शिकार करने जाते हैं|

Posted on: Jul 06, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG NARAYANPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

बांस की चीजें बनाने की कला लोगों के जीविका का साधन और पहचान है...

ग्राम-देवगांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल गाँव के निवासी मनीष कुमार बाद्रा से चर्चा कर रहे हैं| मनीष बता रहे हैं| वे बांस की चीजें बनाने का काम करते हैं| सजावट का सामान बनाते हैं| और उसे बेंच कर अपनी आजीविका चलाते हैं| वे 20 वर्ष से ये काम कर रहे हैं| अपनी बनाई चीजों को वे शहरों तक पहुंचाते हैं| जैसे हैदराबाद, मुंबई, बैंगलोर आदि| बांस की चीजें बनाने के लिये कारीगर नये लोगो को सिखाते हैं| इस तरह से ये कला उनके रोजगार का साधन और पहचान है|

Posted on: Jul 06, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG NARAYANPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

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