भाचा बखानों मैं जय हनुमाना...सरगुजिहा भक्ति गीत
ग्राम- कोटेया, जिला- सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहें हैं:
भाचा बखानों मैं जय हनुमाना-
जा भाचा लेआना सजुवन गझा-
सजुवन गझा ला नहीं न पाय-
भाचा बखानों मैं बीरा हनुमाना-
जा भाचा लेआना सजुवन गझा-
सजुवन गझा ला चीन्ही न पाय-
बोटे कर बटा लानि मढ़ायें...
Posted on: May 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
डोंगरी में जाबो बेला रे, टोरे बर बेल पान बेला, डोंगरी में जाबो...सरगुजिया ददरिया गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा, (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ में सरगुजिया ददरिया गीत सुना रहे है:
डोंगरी में जाबो बेला रे, टोरे बर बेल पान बेला, डोंगरी में जाबो-
डोंगरी के खाले-खाले जाबो, ददरिया है गाबो ददरिया-
मगन हो के नाची, काली बदरिया डोंगरी में जाबो-
डोंगरी में जाबो बेला रे, टोरे बर बेल पान बेला, डोंगरी में जाबो...
Posted on: May 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
ऐ सना ना ना जी, सा ना ना ना जी, रात रही जाना...सरगुजिया प्रेम गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन सरगुजिया भाषा में एक प्रेम गीत सुना रहें हैं
ऐ सना ना ना जी, सा ना ना ना जी, रात रही जाना-
बाजार चली जाना, ना छोड़ो तोला रे दोस-
तिरसुल ला मांग मा सिंदूर गूँस ले-
मोर नाव बताये दे बे, मोर गांव पूछ ले-
सना ना ना जी, सा ना ना ना जी, रात रही जाना...
Posted on: May 04, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
चांदी के मुंदरी चिनहारी करी ले मै हा रहथो दुरुज में चिनहारी कारी ले...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
चांदी के मुंदरी चिनहारी करी ले-
मै हा रहथो दुरुज में चिनहारी कारी ले, मोर झुल तरी-
मोर झुल सरी गे दाई झिन गाड़ी सेमर फुल गे-
सेमर फुल गे अगास मानी टेडको घड़ी नरवा मा-
नरवा मा अघुल देबे ओ-
पीपर पाना डोलत नई ये-
पिया होगे टुरी बोलत नई आय मोर झूल तरी...
Posted on: May 04, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
शिक्षा जीवन है, जो बच्चा शिक्षा से दूर है वह दुनिया से दूर है: विश्व बाल धरोहर सप्ताह का सन्देश...
ग्राम-कपिलदेवपुर, पोस्ट, थाना-चलगली, तहसील, जिला-बलरामपुर, रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) से दयाराम देवांगन बता रहे हैं 20 नवम्बर से 25 नवम्बर तक विश्व बाल धरोहर दिवस के रूप में हर राज्य में मनाया जा रहा है यह पूरे भारत में लागू है इस बात को संविधान में पास किया गया है महिला बाल कल्याण के तहत इसमें विशेष योगदान दिया गया है इसमें जो बच्चे अध्ययनरत हैं उनको आगे आने की प्रेरणा देते हैं, कहां शिक्षा देना, किस तरह की शिक्षा देना है, बच्चो के लिए क्या जरुरी है समय पर खेल और समय पर पढाई आदि शामिल हैं सांथ ही ये बता रहे हैं कि जो व्यक्ति शिक्षा से अलग है वो जीने खाने के अलावा कुछ नही जानेगा | दयाराम देवांगन@8120323329.
