वनांचल स्वर: जंगली पेड़ों के लाभ...

ग्राम-चाहचड़, तहसील भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संतराम सलाम बताते हैं कुसुम के बीज से जो तेल मिलता है, उसे लगाने से खुजली खत्म होती है। महुआ का पेड़ भी बहुत महत्त्व रखता है, इसको देवी देवताओं में भी चढ़ाया जाता है और खाया भी जाता। फल टोरी बीनते हैं। तेल खाने, लगाने में उपयोग किया जाता है। क्योटी का तेल घी के बराबर स्वाद देता है। भेलवा का तेल कांटा या खूंटा चुभने पर लगाया जाता है| दवाई के रूप में, यह जहरीला भी होता है। इसको गर्म करके लगाया जाता है। अंगुड का तेल एक ही बेल में कई सारे लगते हैं, इसके बीज का तेल दर्द और घाव पर लगातें हैं। भोईनीम सबसे ज्यादा कड़वा होता है, और ज्यादा असरदार भी है। इसका उपयोग लोग अभी भी करते हैं। ये पेड़ अभी भी हैं।
संपर्क@7647070617. (185781) GT

Posted on: Feb 09, 2021. Tags: CG KANKER SANTRAM SALAM VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: सिमटते जंगल...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़)
सुकराम फरदिया बतातें हैं कि २० वर्ष पहले जंगल अच्छी स्तिथि में था, झाड भी बहुत थे| हमें फल-सब्जी भी जंगल से आसानी से मिल जाता था| जंगल से मिलने वाले खाद्य पदार्थो से हमारा गुजारा हो जाता था| जंगल से फल लाकर हम लोग बेचते भी थे| लेकिन अब सब खत्म होता जा रहा है, शासन ध्यान नही दे रहा है| शासन वाले गाँव वालों से आकर बोलते ही कि जंगल बचाओ लेकिन वो खुद ध्यान नही देतें| नर्सरी भी खत्म हो गयी है| सागौन का पेड़, अमली, कटहल यह सब जंगल में नर्सरी में लगाया गया था| लेकिन अब खत्म हो गया है| जंगल खत्म हो चुका है, इसलिए घेराबंदी कि जा रही है जंगल को बचाने के लिए| अब लकड़ी नही मिलता, शासन सिलिंडर गैस देता है| अपनी निजी ज़मीन पर ही हम उगाते हैं|
सम्पर्क:- 6568921280(RM)

Posted on: Feb 06, 2021. Tags: CG KANKER SUKAR RAM VANANCHAL SWARA

जय आदिवासी की वह शक्ति जया...गीत-

ग्राम-पटेवा, ब्लॉक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दया सिंह गोंडवाना बाबू गीत सुना रहें हैं:
जय आदिवासी की वह शक्ति जया-
आओ रे गाओ रे झूमो रे नाचों रे-
गाँव गाँव में लायेंगे फेशबुक में लायेंगे-
हे तुलेश्वर सिंह मरकाम को अभिलायेंगे-
जागो रे जागो रे जय आदिवासी जागो ना... DW

Posted on: Jan 31, 2021. Tags: BALRAMPUR CG HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: आदिवासियों के बीच कुसुम का वित्तीय महत्व...

ग्राम-चाहचढ, तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छतीसगढ़), से लच्छूराम सलाम कुसुम का पेड़ के बारे में जानकारी दे रहे हैं| कुसुम का पेड़ को साल में दो बार छ:-छ: माह के अंतराल पर उगाया जाता है| छ: महीने में तैयार हो जाने पर काटते हैं| बाज़ार में इसकी कीमत 420 रुपया प्रति किलो है| समय के साथ दाम भी बढ़ता है| गाँव में हर आदमी लगभग 15 पेड़ उगाते हैं, वनवासी अपने ही पेड़ों को काटते हैं| 2-3 क्विंटल का उत्पादन होता है|
संपर्क@7647070617. (185559) GT

Posted on: Jan 09, 2021. Tags: CG KANKER LACHHURAM SALAM VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: माहवारी के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं का निवारण...

ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से भादूराम पटेल बता रहे हैं कि वह माहवारी के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं का निवारण करते हैं। वह माहवारी के समय ज़्यादा खून रिसाव होने से रोकने के लिए कहुआ, कोरिया और जाम की छाल से दवा बना कर देते हैं। वह यह भी बताते हैं कि हाथ और पैर में सूजन के इलाज की लिए मूंगा, अंडी और सिंदूर का लेप लगाने से सूजन चला जाता है।

Posted on: Jan 01, 2021. Tags: BHADURAM PATEL CG KANKER VANANCHAL SWARA

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