दादा हीरा मरकाम एक मूठी चावल महा कल्याण...गोंडवाना गीत
ग्राम-कटरा, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से पतराज मरकाम एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
दादा हीरा मरकाम एक मूठी चावल महा कल्याण-
सेवा-सेवा जय बड़ादेवा सेवा-सेवा-
लेवा गोंडवाना रतन के नाम-
10 करोड़ 35 लाखे राजनादगांवे-
जमा है अन्य बचत बैंक के नावे-
एक-एक मूठी मा यही गोंडवाना-
गोंडवाना राजे मा बन बो धन वाना-
समाज बरे करी कुछ गिर मिल के काम-
हमर बैंक हमर पैसा बड़ादेव के नाम...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BILASPUR CG GONDWANA PATRAJ MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
सु साय रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला सु साय...गोंडी शादी गीत...
ग्राम पंचायत-पाढेगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से रानो वड्डे के साथ गाँव की ग्रामीण महिलाएं है जो आदिवासी शादी में गाये जाने वाला गीत सुना रहे हैं:
सु साय रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला सु साय-
रे रे रे लयों रे रे रेला रेला रेला येलो सु साय-
जाति बाति पेकोड येलो सु साय येलो जाति बाति
पेकोड येलो सु साय-
सु साय जाति कन्या पेकोड येलो सु साय
जाति कन्या पेकोड येलो सु साय...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER MARRIAGE PAKHANJUR RANO WADDE SONG
हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY
री-री लो री री लोयो, दादा झेला आझी रोय दादा ले...गोंडी गीत
ग्राम-पाड़ेंगा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानकोबाई, गीता उसेण्डी, नगेबाई जनेबाई और सोनीबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
री-री लोयो री-री लोयो हेला-
दादा झेला आझी रोय दादा ले-
री री लोयो री री लो-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनियां ता पाटा-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनिया ता पाटा-
आदे पाटा ये ओइ हलेन...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG
स्वास्थ्य स्वर: हड्डी में बुखार (ज्वर) का घरेलू उपचार...
ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा आज हमें हड्डी में बुखार (ज्वर) का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं: वे कह रहे हैं कि जवा क्षार, यह सभी दवाई दुकानों में उपलब्ध होता है, जो आसानी से आप के आसपास मिल जाता है, हड्डियों में बुखार होने से, जवा क्षार 1-2 रत्ती की मात्रा में नीम के पत्ती के रस के साथ लगातार सुबह शाम सेवन करने से बुखार पसीने के रूप में बाहर होकर बुखार कम हो जाता है, इसके साथ चन्दन का तेल पांच बूंद, बतासे के साथ सेवन कर उपर से ताजा पानी पीने से भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है, यह उपचार घर में ही कर सकते हैं जिसका कोई शुल्क नही लगता है: वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा@9893327457.
