चलतो गुइया रा कोयल भूमकाल ते...गोंडी गीत-
ग्राम-केकराखोली, जिला-धमतरी छत्तीसगढ़ से कीर्ति साहू के साथ गाँव के साथी सोनू कुमार, विनोद मरकाम, अजय मरकाम एक गोंडी गीत सुना रहे है :
चलतो गुइया रा कोयल भूमकाल ते-
कोया पलोरा कोया पलोरा-
निमा बातल पुन्दारा-
वायरो बातल पुन्दारा-
चलतो गुइया रा कोयल भूमकाल ते...
Posted on: Jul 19, 2020. Tags: DHAMTARI CG GONDI SONG SONU KUMAR VINOD MARKAM
मानव शरीर के अंगो के बारे में जानकारी...
राजस्थान डूंगरपुर से प्रकाश मीणा आज हम लोगो को राजस्थान राज्य का सामान्य ज्ञान के बारे में बता रहे है :
मानव के शरीर में हड्डी होती है-206-
छोटे बच्चो के शरीर में हड्डी होती है-213-
मानव के कोपडी में हड्डी होती है-22-
मानव शरीर का ह्रदय एक मिनट में धडकता है-72 बार-
Posted on: Jul 19, 2020. Tags: GENRAL KNOWLEDGE PRAKESH MEENA SONG VICTIMS REGISTER
धोखेबाज से दोस्ती नहीं करनी चाहिये और उसे मौका कभी नहीं देना चाहिये...कहानी-
हिरण और सियार दोनों मित्र थे, एक बार दोनों को प्यास लगी, पानी की तलास करते करते करते उन्हें कुआ मिला, सियार बोला पहले मै पी लेता हूँ फिर तुम पी लेना, हिरण ने ऐसा ही किया, सियार पानी पिया, उसके बाद हिरण पानी पीने लगा तभी सियार ने उसे कुआ में धकेल दिया, हिरन पानी में डूबकर मर गया लेकिन सियार उसे नहीं निकाल सकता था, उसने पास के किसानो से कहा मेरा दोस्त पानी में गिर गया है उसे निकाल दो, किसानो ने उसे निकाल दिया और ले गये, सियार बोला मुझे भी इसका मांस दे दो, किसान बोले हमने निकाला तुम्हे नहीं मिलेगा, तब सियार ने वहां से आग लगा एक लकड़ी लेकर खेत में फेक दिया, जब खेत में आग लग गयी और किसान फसल को बचाने लगे, तब सियार ने हिरण का मांस खाया| (AR)
Posted on: Jul 19, 2020. Tags: AKSHAY KUMAR NETAM CG DHAMTARI SONG STORY VICTIMS REGISTER
चल न कांवर सजा के जल उठाबो...गीत-
ग्राम, पोस्ट-डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय प्रताप पोया एक भजन सुना रहे हैं:
सावन के महीना आगे संगी-
सावन के महीना आगे भईया-
सरासुरु धाम जाबो-
चल न कांवर सजा के जल उठाबो-
शिवपुर मंदिर चढ़ाबो-
चल न कांवर सजा के जल उठाबो... (AR)
Posted on: Jul 19, 2020. Tags: CG SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER VIJAY PRATAP POYA
आओ रे सब मुझे घेरकर गाओ सावन...गीत-
ग्राम-कमको, पोस्ट-समनापुर, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से बी एल यादव एक कविता सुना रहे हैं:
पका हुआ कि धार झूलता है मेरा मन-
आओ रे सब मुझे घेरकर गाओ सावन-
इंद्र धनुष के झूले में झूले में सब जन-
थिर थिर आये जीवन में सावन मनभावन-
पकड़ वार की धार झूलता है मेरा मन-
आओ रे सब मुझे घेरकर गाओ सावन... (AR)
