हाये रे हाये रे मनुष तन मैना...छत्तीसगढ़ी लोकगीत-
ग्राम-लोतमा,जिला-जांजगीरचांपा (छत्तीसगढ़) से संपत लाल यादव एक लोकगीत सुना रहे हैं: जिसके बोल हैं “हाये रे हाये रे मनुष तन मैना ” | अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
Posted on: Mar 17, 2021. Tags: CHAMPA JANJGIR SAMPAT LAL YADAV
नफरत की दुनिया को छोड़ के...गीत-
जबलपुर (मध्यप्रदेश) राजकुमार काछी एक गीत सुना रहे हैं:
नफरत की दुनिया को छोड़ के-
प्यार की दुनिया में-
खुश रहना मेरे यार-
इस झूठी नगरी से तोड़ के-
नाता जा प्यारे जीवन के दिन चार...(AR)
Posted on: Mar 17, 2021. Tags: HINDI SONG JABALPUR MP RAJKUMAR KACHHI
गुही दे मलंगिया हार रे मोरी मईया के लाने...देवी गीत-
जिला-उमरिया (मध्यप्रदेश) से राजा बैगा देवी गीत सुना रहे हैं:
गुही दे मलंगिया हार रे-
मोरी मईया के लाने-
शारदे भवानी मोरी मईया के लाने-
फूलन के गजरा भोरे चढाऊँ-
चढ़-चढ़ के सीढिया मढूलिया बिछाऊँ-
चुनरी ओढाऊँ कोटेदार रे मोरी मईया के लाने...(AR)
Posted on: Mar 17, 2021. Tags: BHAKTI SONG MP RAJA BAIGA UMARIA
Impact : सीजीनेट में संदेश रिकॉर्ड करने के बाद राशन कार्ड बन गया है...
ग्राम+पंचायत-मंग्वाल, ब्लॉक+जिला-कोंडागाँव छत्तीसगढ़ से लक्ष्मण कोर्राम बता रहे है कि उनका राशन कार्ड नहीं बन रहा था उसके लिये उन्होंने कई बार शिविरों में आवदेन भी दिये थे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे थे तो उन्होंने सीजीनेट सीजीनेट स्वर में एक संदेश रिकॉर्ड किये करने के बाद सीजीनेट के साथियों की मदद से राशन कार्ड बन गया है | इसलिये साथी सीजीनेट के साथियों को और अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे है जिन्होंने उनकी मदद की | संपर्क नंबर@8815792756.
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: CG IMPACT STORY KONDAGAON LAXMAN KORRAM
ओस की बूँद-सी होती है बेटियां...प्रेरणादायक विचार-
सुरेश कुमार बड़वानी, मध्यप्रदेश से बेटियों के लिए कुछ लाइने सुना रहे हैं -”ओस की बूँद सी होती है बेटियां, फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां, रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को दो-दो कुलों की लाज को ढोती है बेटियां, हीरा है अगर बेटा तो मोती है बेटियां औरों के लिए फूल ही बोती है बेटियां, मिट्टी में मर-नीर सी होती है बेटियां, घर की शान होती है बेटियां, माँ-बहन, पत्नी का फ़र्ज निभाती है बेटियां, इस कुल को आगे बढाती है बेटियां, सोना है अगर बेटा तो चांदी है बेटियां,बेटे को अच्छा खाना खिलाते हैं तो बेटियों को जूठन, बेटियां हो तो गृहस्थी को सजाती है, बेटियां हो तो दूसरों के आँगन की लाज बन जाती है, ओस की बूँद सी होती है बेटियां, इस फर्श खुरदुरा हो तो रोती है बेटियां”|
