जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी...देवी आरती-
ग्राम-तालदेवरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कुश कुमार एक देवी आरती सुना रहे हैं :
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी-
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी-
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को-
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको-
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै-
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै-
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी...
Posted on: Oct 07, 2019. Tags: CG KUSH KUMAR RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
अरे ओ कन्हैया किसको कहेगा तू मईया...कृष्ण भजन
ग्राम-तालदेवरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कुश कुमार एक कृष्ण भजन सुना रहे हैं :
अरे ओ कन्हैया किसको कहेगा तू मईया-
किसने तुझको जनम दिया रे किसने तुझको पाला-
मांगी मन्नते और देवी देव पूजे तेरे लिये देवकी ने-
दूध में नहलाने का खोद में खिलाने का सुख पाया यशोदा जी ने-
किसने तुझको जीवन दिया रे, किसने जीवन संभाला-
मरने के डर से भेज दिया घर से देवकी ने रे गोकुल में...
Posted on: Oct 07, 2019. Tags: CG KUSH KUMAR RAIGADH SONG VICTIMS REGISTER
जोंढरी मकई फूटे भाई रे, सरसों गेहूं कर बोवाई करा..गीत-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) कैलास पोया एक गीत सुना रहे हैं:
जोंढरी मकई फूटे भाई रे-
सरसों गेहूं कर बोवाई करा-
आज उकर खेती आगे-आगे-
ईकर खेती पीछे भागे-भागे-
बढ़िया मौका हर आगल भाई रे-
बो ले सरसों और गेहू...
Posted on: Oct 07, 2019. Tags: CG KAILASH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
नहीं मिल रहा निराश्रित पेंशन...कृपया मदद करें-
ग्राम-बाबूटोला, पंचायत-महामाई, थाना-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से सोनिया पति सम्हर सिंह यादव बता रही हैं, उन्हें 6 माह से निराश्रित पेंशन नहीं मिल रहा है, उन्होंने सरपंच के पास आवेदन दिया, लेकिन सरपंच गुमराह कर रहे हैं, सही जानकारी नहीं देते हैं इसलिये वे सीजीनेट के सभी श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं, दिये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : सरपंच@9165018206. संपर्कनंबर@9098794688.
Posted on: Oct 07, 2019. Tags: BRIJRAM GOND CG MUNGELI PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
कृष्णा भजन : कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया...
ग्राम-तालदेवरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कुश कुमार एक कृष्ण भजन सुना रहें है:
कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया – ओ लल्ला रे. ये क्या गजब किया-
मेरे कान्हा ये क्या गजब किया-
मुझको डरा दिया, मेरे कान्हा ये बताना-
ओ लल्ला रे. ये क्या गजब किया-
कभी मुझको सक होता तू मेरा लाल नही है-
है कोई अवतारी तू ये मेरी बात सही है-
इन्द्र से रक्षा के खातिर तुमने पर्वत उठा लिया-
मेरे कान्हा ये बताना ओ लल्ला रे ये क्या गजब किया...
