जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता...राष्ट्रीय गान-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र प्रसाद साहू राष्ट्र गान सुना रहें हैं:
जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता ||
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा द्रविड उत्कल वंगा ||
विध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधितरंगा ||
तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशीष मांगे,गाहें तव जय गाथा ||
जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता ||
जय हे जय हे जय हे जय जय जय जय हे ||...(RM)
Posted on: Jan 18, 2021. Tags: HINDI SONG VICTIMS REGISTER
ऐ भाई गा ऐ संगी रे...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण माली छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
ऐ भाई गा ऐ संगी रे-
सुमता और सुरता ला बनाये रहिओ ना-
विपत परीश जब देश ला हमर-
अंग मा गोली खायें हन-
बोकरा भेड़वा बनके संगी-
प्राण ला अपन गवाएं हन...(RM)
Posted on: Jan 18, 2021. Tags: CG SONG VICTIMS REGISTER
पीड़ितो का रजिस्टर :नक्सली लोग गांव आते रहते थे,हमलोग घर में सो भी नहीं पाते थे,अभी शिविर में रहने ल
सुकली लेकाम बता रही है पहले कोयपाल में रहती थी जब से सलवा जुड़ूम शुरू हुवा तब से अब तक से नक्सली लोग गांव आते रहते थे,हमलोग घर में सो भी नहीं पाते थे और हम सभी उन लोगो से बहुत ही परेशान रहते थे। नक्सलियों ने लोगों को जंगल में बुलाए थे लोग डर की वजह से नहीं गए,उनके मामा और चाचा लोग बताएं कि हमारी वजह से बुला रहे हैं और डर की वजह से अपना गांव छोड़कर वर्तमान में बीजापुर में आकर रह रहें हैं अपना जीवन यापन कर रहे हैं सभी साथी से मदद की अपील कर रहे हैं
Posted on: Jan 17, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
पीड़ितो का रजिस्टर: नक्सलियों के डर से विस्थापित हुए ग्रामीण...
ग्राम-पंचायत अरेंज, ब्लाक-कुस्कुरी, जिला-बीजापुर, (छत्तीसगढ़) से अजय धुर्वा बता रहे है 2010 में नक्सलियों के डर से उन्होंने अपने गांव छोड़कर बीजापुर जेल वाड़ा में आकर अभी रह रहे हैं के गांव में उनके चाचा चाची रह रहे हैं कभी कभी अपने गांव में जाते हैं लेकिन उनको डर बना रहता है अभी अपने मम्मी पापा के साथ वर्तमान में बिजापुर जेल वाड़ा में अपना जीवन यापन कर रहे हैं|
Posted on: Jan 17, 2021. Tags: BIJAPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
वह शक्ति हमें दो ध्यानी दे...प्रार्थना गीत-
नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चन्द्राकार प्रार्थना गीत सुना रहे है:
वह शक्ति हमें दो ध्यानी दे-
कर्तव्य मार्ग पर डट जावे-
पर सेवा पर उपकार में हम-
निज जीवन सफल बना जावे-
वह शक्ति हमें दो ध्यानी दे-
हम दिन दुखी निबलो विकलो-
के सेवक बन सन्ताप हरे...(RM)
