कहाँ जी फुले चम्पा चमेली...सुग्गा गीत-
आश्रित ग्राम-लडूवापारा, पंचायत-बेदमी, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से इन्द्रासो नेताम के साथ रुकमनी, पुष्पा, राधिका, ज्योति वे लोग एक सुग्गा गीत सुना रहे है:
कहाँ जी फुले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कहाँ जी फूले-
राजा राम सुग्गा कहाँ फूले गोंदा फूल-
झरिया में फूले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कुआ बाड़ी में फूले...
Posted on: Feb 07, 2019. Tags: CG HINDI INDRASO NETAM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
संविधान जलाने की घटना के विरोध में प्रदर्शन: आरक्षण ने दबे कुचलों को आगे आने मौक़ा दिया है...
मुज़फ्फरपुर बिहार से सुनील कुमार को जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यकर्ता शाहिद कमाल बता रहे है कि 9 अगस्त को जंतर मंतर दिल्ली में कुछ जातिवादी और आरक्षण विरोधी समूहों द्वारा संविधान जलाने की घटना को लेकर पूरे देश में संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया है l कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आरक्षण का विरोध और संवैधानिक अधिकारों का हनन करना बंद किया जाये साथ ही सरकार के लोग संविधान की शपथ लेने के बाद संविधान के खिलाफ बयानबाज़ी करते रहते है जिससे संविधान बिरोधी ताकतों को आगे बढने में सहयोग मिलता है आरक्षण ने दबे कुचले लोगों को आगे आने का मौक़ा दिया है संविधान के इस प्रावधान का हम समर्थन करते हैं
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BIHAR HINDI MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे, जा से नहीं बिछ्डू दिन राती...भजन गीत
संतोष कुमार ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से हारमोनियम के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे – जन्म मरण के साथी हमारे-
जा से नहीं बिछ्डू दिन राती हमारे – हां देखे बिना चलन पडत है जानत है मेरी छाती –
उच्च चढ़, चढ़ कर पंथ निहारु रोवे अखियां राती –
ये संसार सकल जग झूठे, झूठे कुल और नाती – दोउ कर जोडीया आज करू मैं, चुनले तेरे मेरे बाती...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: DINDORI HINDI MP SANTOSH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
धरती हरी-भरी हो जाती, खुश हो जाते सभी किसान...किसानी पर कविता
ग्राम-बड़ेबेठिया, पंचायत-धरमपुर, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कक्षा पांचवीं की छात्रा बाली उसेंडी किसान पर एक कविता सुना रही हैं:
वर्षा आती पानी लाती-
धरती हरी-भरी हो जाती-
खुश हो जाते सभी किसानी-
खेतों में भर आता दाना-
पकता धान दिवाली आती-
खूब सो जे ठंड लाती-
सूटर पहने तापे आग-
गाँव-गाँव में होती आग...
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: BALI USENDI CG HINDI HINDI POEM KANKER KOYALIBEDA SONG VICTIMS REGISTER
सामूहिक भोजली उत्सव पहली बार मनाया गया, इससे पहले गाँव स्तर पर लोग मिलकर मनाते थे...
शेर सिह आचला बता रहे है भोजली उत्सव कृषि आधारित पर्व है जिसे सावन पूर्णिमा के दिन मनाते हैl इसके पूर्व धान के बीज को एक टोकना में रख कर उसको उगाते है, फिर उस उगे पौधे को सभी एकत्र होकर उत्सव के रूप में मनाते है l पहले इस त्यौहार को गाँव स्तर पर मनाते थे पर इस बार इसे बड़े रूप में कई राज्य के लोग एक साथ मिलकर मनाना शुरू किये है, इस बार रायपुर में झारखण्ड, मध्यप्रदेश, गुजरात, बिहार, छतीसगढ़ समेत कई राज्य के लोग एक साथ मिलकर इस त्यौहार को मनाये. छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिह भी मौजूद रहे l कार्यक्रम में गोंडी भाषा पर भी चर्चा हुई जिसमे मुख्यमंत्री ने स्कूलो में गोंडी पाठ्यक्रम शुरू करने की बात कही इस दौरान बारिश भी लगातार होता रहा पर लोगो की भीड़ में कोई असर नहीं रहा लोग कार्यक्रम में डटे रहे, आनंद लिए और सफल बनाने में सहयोग किये l

