राशनकार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिये कोई निराकरण नही, कृपया मदद करें...
ग्राम पंचायत-कटेनार, (राउतपारा) ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से किर्ती साहू और उनके साथ है ग्रामीण महिला जय मणि बता रही है राशनकार्ड नही बनाये गाय-बैल चराकर अपनी जीवन यापन करते है, राशनकार्ड बनवाने के लिए सचिव सरपंच को कई बार आवेदन दिए किन्तु अभी तक कीसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही किये इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहें अहि दिए गये फ़ोन नंबरों अधिकारीयों से बात कर राशनकार्ड बनवाने में मदद करें. सरपंच@9399311762. सचिव@8839499508. संपर्क@7067830552.
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: RATION CARD PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
मोर संग चलाओ रे, मोर संग चलो रे...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडा एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है-
मोर संग चलाओ रे, मोर संग चलो रे-
उऊ परे धरे मनखे मन, आऊ गिरे हे ते मनखे मन-
मोर संग चलाओ रे, मोर संग चलो रे-
अमरैया कस जुड़ छाँव मा, मोर संग बैठे जुद्लाव-
पानी पी ला सागर उऊ दुख पीर बिसराव-
कहा जाबे बढ़ दूर हे गंगा, पापी यह तरो रे-
मोर संग चलो रे, मोर संग चलो गा-
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बस्तर में आदिवासी समाज में म्रत्यु होने पर पत्थर गाढ़ने की परम्परा...
ग्राम-कोंडली, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर, छत्तीसगढ़ से रमेश कुंजाम के साथ गाँव के साथी बुधुराम पोडियाम गोंडी में बता रहे है कि उनके पूर्वज जिनकी म्रत्यु हो जाती है उनके नाम से पत्थर गाढ़ा जाता है | इसलिए उसका नाम पथलगढ़ी रखा गया है | यह परम्परा 1975 के दशक से चलते आ रहा है | हर गोत्र के लोगो का अलग-अलग जगह होता है जो जिस गोत्र होता है उस नाम से पत्थर गाढ़ा जाता है | संपर्क नम्बर@ 8302391209.
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: GONDI CULTURE
मोर यीशु जिन्दा आहे...यीशु मसीह गीत-
ग्राम-जराहडी कटेपारा जिला-सरगुजा राज्य छत्तीसगढ़ से ईश्वरी यीशु मसीह गीत सुना रही है:
मोर यीशु जिन्दा आहे-
क्रूस का ले से चढ़ा ले से जिन्दा आहे-
हाय रे यीशु जिन्दा आहे-
मोर यीशु जिन्दा आहे-
पापी मन छन ला हिन्-
तोर मोर समला हिन्...
Posted on: Aug 10, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
महुआ लड्डू बनाने की विधि और महुआ लड्डू और मंद से फायदा और नुकसान...
ग्राम पंचायत-नेलवाड़, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट और उनके साथ है ग्रामवासी राम शाह बता रहे है कि महुआ (फूल) की उपयोगिता इस महुआ फूल मंद तथा लड्डू बनाकर सेवन करते है, इसे शरीर के लिए लाभकारी होता है. बताया जा रहा है, महुआ के मंद पीने से शरीर कमजोर और ढीला पढ़ जाता है, महुआ लड्डू बना कर खाने से शरीर तन्दरुस्त रहता है| महुआ लड्डू बनाने की विधि : सबसे पहले महुआ को अच्छे से सुखा लेते है, और कुछ दिनों तक बोरी में भर कर रखते है, जिसके पश्चात उसे एक सरई (हंडी) में उबालते है और उसे लड्डू बनाते है और उसे खाया जा सकता है यह कार्य लगभग 50 वर्षों से करते आ रहे है. संपर्क @8234826635.
