हे सहेली आज मेरा भारत आजाद हुआ है...गीत-

ग्राम पंचायत-खैरागढ़, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीमा और फूलकुंवर एक गीत सुना रहे हैं :

हे सहेली आज मेरा भारत आजाद हुआ है- स्कूल के आंगन में बागो भी शोहे- बागो की फुलवा चमक रही रे- आज मेरा भारत आजाद हुआ है- स्कूल के खिड़की में बागो भी शोहे...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG SEEMA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे...कविता-

ग्राम पंचायत-असुरा, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से स्कूल की छात्रा कविता एक बाल कविता सुना रही हैं :

छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे- पढ़ना कभी न छोड़ेंगे, हर दम पढ़ने जायेंगे- छोटे-छोटे हांथ हमारे, गड्ढ़े खूब बनायेंगे- इस गड्ढ़े में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG KAVITA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के...सरगुजिया डोमकच गीत

जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीता रानी नेटी एक सरगुजिया डोमकच गीत सुना रही है:
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे सोना महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे हीरा महुला बुलाइले के-
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के-
कहाँ अटके रे राजा महुला बुलाइले के-
ये पडकी परेवा ना तो आजा पिया झटके रे-
ये लसा सिझाई ले पीपर लसा लटके रे महुला बुलाइले के...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG DOMKACH SEETA RANI NETI SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER

देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान...देशभक्ति गीत

ग्राम-बसनारा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सतवंती श्यामले के साथ में राजकुमारी सिंह एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
देश हमारा सबसे न्यारा प्यारा हिन्दुस्तान-
सब झड की आखों की तारा अपना हिंदुस्तान-
वीर सिपाही हम इसके पैर पीछे नही हटाते-
साहस के पुतले आगे बढ़ सबको राह दिखाते-
उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम चारो दिशा हमारी-
किन्तु यहाँ भी रखनी होगी पूरी पैहरदानि...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG PATRIOTIC SATVANTI SHYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

जंगल में एक वृक्ष खड़ा था, सब वृक्षों से बड़ा था...बाल कविता

ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बाल कविता सुना रहे हैं :
जंगल में एक वृक्ष खड़ा था, सब वृक्षों से बड़ा था-
लंबा चौड़ा छायादार, उसके नीचे था बाजार-
बंदर बेच रहा था आलू, उसको तोल रहा था भालू-
हिरण लिया सब्जी का ठेला, बेच रहा था हरा केला-
लौकी, कोहड़ा और पपीता लेकर आया बूढा चीता-
खरहा हरी मिर्च ले आये, बंदरिया को लगे उसे चखाए...

Posted on: Sep 23, 2018. Tags: CG CHILDREN KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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