माउन्टेन मैन दशरथ माझी...
माउन्टेन मैन दशरथ माझी का जन्म 14 जनवरी 1929 गहलौर, बिहार, भारत में हुआ वे बचपन में ही घर से भागकर धनबाद चले गये थे खदान में काम किया, वापस आने के बाद फालगुनी देवी से विवाह किया| गाँव से दूसरे गाँव गाने के लिये गहलोत पहाड़ पार कर जाना पड़ता था या चक्कर लगाकर जाना पड़ता था, उनकी पत्नी खाना ले जाते हुये पहाड़ी दर्रे से गिर गयी जिससे उनका निधन हो गया, पत्नी के गम से दुखी दशरथ माझी अपनी ताकत बटोरकर पहाड़ पर वार करने लगे, बोले जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं, 1960 में पहाड़ तोड़ना शुरू किया और 1983 में उसे पूरा किया, 22 साल लगे, 17 अगस्त 2007 को नयी दिल्ली, में हुआ, उनकी मृत्यु पित्ताशय कैंसर के कारण हुआ, जिसके बाद राष्ट्रिय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, उनके इस कार्य से कई पीढियां प्रेरित होती रहेगी|
Posted on: Jan 21, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आधुनिकता के दौर में बचपन खो गया है...कहानी-
आधुनिकता के दौर में बचपन खो गया है, हमारे चारो ओर हम ऊँ बच्चो को देख रहे हैं, जिनके पास आनंद नहीं है जिन्हें कोई अधिकार नहीं दिया गया है, जिन्हें स्वतंत्रता की अनुमति नहीं है कि बच्चा होना आखिर होता क्या है, बच्चो को तेजी से पढने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा हैं, इसे किया जा रहा है जैसे वे उनकी बोझिल अवस्था है, इसे जीतनी जल्दी हो दूर कर दो|
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
भईया गाँधी जी का सपना सजाना...गीत
मुजफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
भईया गाँधी जी का सपना सजाना-
हाय राम देशवा को है बचाना-
जो बोले थे लाना सच और अहिंसा-
मगर दुष्टों ने ले आया हिंसा-
मिलजुल के है हिंसा मिटाना-
हाय राम देशवा को है बचाना-
भईया गाँधी जी का सपना सजाना...
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: BIHAR MUZFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कहवा के पीयर माटी...गीत-
प्रसार केंद्र सामाजिक सांस्कृतिक सोधसंस्थान एवं लोक कला प्रशिक्षण केंद्र से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं-
कहवा के पीयर माटी, अरे कहवा के पीयर माटी-
कहां के कोदार हो-
कहवां के सात सुहागिन माटी कोड़े जात हो-
सीतामडी के पीयर माटी सोन कोदार हो-
सीतामडी के सात सुहागिन माटी कोड़े जात हो...
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
खेतवा मा झूमे धान हो...गीत-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक फ़सली गीत सुना रहे हैं:
अरे अपना के किसनवा, खेतवा झूमे धान ओ-
दिनमा चमके दिवाकर के जोती-
रतिया मा बरसे आकाशवा से मोती – भोरवा मा सवेरा से किसान हो-
खेतवा मा झूमे धान ओ-
अरे अपन नाचे किसान ओ-
कलकल हरवा से मुखवा पिराये – मीठे – मीठे रसवा से मनवा जुडाये...
