खाना देते हैं लेकिन खाने के बाद मिठाई नही देते...कहानी-
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेश कुशवाहा एक कहानी सुना रहे हैं, एक बुढ़िया थी जिसके चार बेटे थे, चारो बेटे अपनी माँ खाना देते हैं लेकिन खाने के बाद मिठाई नही देते थे, तो उसने एक दिन सबको कहा जब वे मर जाएगी तो चारो तरफ रसगुल्ला रख देना, उसके बाद वह एक दिन मरने का नाटक करने लगी, तब उसके बेटो ने उसके कहे अनुसार चरो तरफ रसगुल्ले रख दिए और अर्थी उठा कर ले जाने से पहले बेले राम नाम सत्य है, तो बुढ़िया बोली रसगुल्ला बड़ा मस्त है|
Posted on: Jul 23, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA KAHANI SONG VICTIMS REGISTER
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही...कविता
ग्राम-पेंडारी, पोस्ट-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर सरगुजा (छत्तीसगढ़) से सुनीता कुसवाहा जीवन की कुछ बातो को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रही हैं :
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई एब नही-
क्या लेकर जाओगे यारो कफन में कोई जेब नही-
आभाव में ही प्रतीक्षा की पहचान होती है-
पंखो सें कुछ नही होता, जिसे तूफानो में उड़ ना आए उसी मे जान होती है-
फूल कभी दो बार नही खिलता, जन्म कभी दो बार नही मिलता-
मिलने को तो कई हजारो लोग मिलते...
Posted on: Jul 18, 2018. Tags: HINDI POEM SONG SUNITA KUSWAHA VICTIMS REGISTER
एक पल की जिंदगानी, एक रोज सबको जाना...गीत-
ग्राम-बरेतीकला, ब्लाक, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
एक पल की जिन्दगानी एक रोज सबको जाना-
वर्षो की तू क्यों सोचे पल नही ठिकाना-
मल-मल के तूने अपने तन को जो है निखारा-
इत्रों कि खुशबुओं से महके शरीर सारा-
तन-मन से तूने अपने तन को है जो निखारा-
काया जो सांथ होगी ये बात न भुलाना, वर्षो की तू क्यों सोचे पल नही ठिकाना...
Posted on: Jul 17, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSWAHA HINDI HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
तोरा मन दर्पण कहलाये, भले बुरे सारे कर्मो को देखे और दिखाए...भजन गीत
ग्राम-बरतीकला, पोस्ट-अन्द्वा, ब्लाक+तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं :
तोरा मन दर्पण कहलाये तोरा मन दर्पण कहलाये-
भले बुरे सारे कर्मो को देखे और दिखाए-
तोरा मन दर्पण कहलाये तोरा मन दर्पण कहलाये-
मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बड़ा ना कोई-
मन उजयारा जब-जब फैले जग उन्धियारा हो-
जग से चाहे भाग ले कोई मन से भाग ना पाए...
Posted on: Jul 13, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER
ऐ मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हो हमारे करम...देश भक्ति गीत-
ग्राम-बरतीकला, पोस्ट, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) दयासागर कुसवाहा एक देश भक्ति कविता सुना रहे हैं :
ऐ मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हो हमारे करम-
नेकी पर चले और बदी से टले, ताकि हसते हुवे निकले दम-
बड़ा कमजोर है आदमी, अभी लाखो हैं इसमें कमी-
वो बुराई करे हम भलाई करें-
नही बदलेगी ओ भावना, है रोशनी में वो दम-
अमावास को कर दे पूनम, नेकी पर चले और बदी से टले, ताकि हसते हुवे निकले दम...
