करमा नाचे ला आबे ओ...कर्मा गीत-
ग्राम-नेपानार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से अशोक कुमार एक गीत सुना रहे हैं :
करमा नाचे ला आबे ओ-
करमा नाचे ला आबे न-
तुंहर पारा गड़े करम डारा-
होवाथे मजेदार-
करमा नाचे ला आबे ओ...
Posted on: Oct 27, 2019. Tags: AJAY KACHLAM CG NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
शरद पूर्णिमा पर लिंगो जन्म दिवस जन्म दिवस मनाये...
ग्राम-बंजारी रायपुर (छत्तीसगढ़) से शेर सिंह आचला ग्राम-दमकासा जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) निवासी बता रहा है दिनांक 13.10.2019 को शरद पूर्णिमा के अवसर पर लिंगो जन्म दिवस मनाया गया बताया जा रहा है उनका मानना हैं की ऐसी ही जगह पर लिंगो का हजारों वर्ष पहले अवतरण हुआ इस पृथ्वी पर वह अपने शिष्यों को कचारगढ़ से मुक्त कर कपालगढ़ मट्टा में एक गोटूल संस्थान की स्थापना किया जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय एक अनुशासन एंव संगठित रहे इसी सन्दर्भ में शरद पूर्णिमा को लिंगो जन्म दिवस मनाया गया ग्राम बंजारी नया रायपुर छत्तीसगढ़ में जिसका उद्देश्य मानना है की 21वीं सदी की युवा वर्ग लोगों के लिए एक प्रेणना हो|
Posted on: Oct 17, 2019. Tags: SHER SINGH AACHLA SONG UTTARBATAR KANKER CG VICTIMS REGISTER
हांथी भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल...कविता
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैंसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से यमुना और सुनीता एक कविता सुना रहे हैं:
हांथी भालू दोनों में था सच्चा-सच्चा मेल-
दोनों मिलकर खेल रहे थे लुका छिपी का खेल-
हांथी बोला सुन भाई भालू मै अब छुपने जाता हूँ-
पानी वाले जगह मिलूंगा पक्की बात बताउंगा...
Posted on: Jun 06, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANKER POEM RADHA KACHLAM SONG VICTIMS REGISTER
पैसे पास होते तो चार चने लाते...कविता
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैंसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से यमुना, सुनीता एक कविता सुना रहे हैं:
पैसे पास होते तो चार चने लाते-
चार में से एक चने तोते को खिलाते-
तोते को खिलाते टाव-टाव गाता-
टाव-टाव गाता तो बड़ा मजा आता-
पैसे पास होते तो चार चने लाते-
चार में से एक चने घोड़े को खिलाते...
Posted on: Jun 06, 2019. Tags: ANTAGARH CG KANKER POEM RADHA KACHLAM SONG VICTIMS REGISTER
दीदी का जब बिहाव रचाया मेरे माता-पिता ने...कविता
ग्राम-कुम्हारी, पंचायत-भैंसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलिमा उसेंडी, यमुना एक कविता सुना रहे हैं :
दीदी का जब बिहाव रचाया मेरे माता-पिता ने-
मेहमानों को तब बुलाया मेरे माता पिता ने-
दिल्ली से फिर दादा-दादी नाना-नानी आये-
साडी बिंदिया चूड़ी कंगन कई पेटियां लाये-
मामा-मामी काका-काकी मौसा-मौसी आये...

