स्वास्थ्य स्वर : नसों के दब जाने पर ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय रीड की हड्डी की नस दब जाने पर ठीक करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, ज्योतिस्मती इसे मालकांगनी के नाम से भी जाना जाता है, ये लाता होती है इसमे फल भी लगते हैं, इसके तेल को 3 बूंद बतासे के साथ खाने से बंद नसों को खोलने में लाभ हो सकता है, दूसरा सोठ का चूर्ण और मालकांगनी के फल का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर मिला लें, उसके आधा चम्मच चूर्ण और गुड और देशी घी मिलाकर लड्डू बना लें और सेवन करें, उसके बाद दूध का सेवन करें, लाभ हो सकता है, अधिक जानकारी के लिये संपर्क करे : संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
शिकंदर ने कहा सुकरार से तुमको क्या लाऊंगा....कविता
चन्द्रशैर हमारे सीजीनेट श्रोताओं को एक कविता सुना रहे हैं:
शिकंदर ने कहा सुकरार से तुमको क्या लाऊंगा-
सुकरार तो सिकंदर के गुरू थे-
सिकंदर भारत पर विजय पाने चला-
सिकंदर ने कहा तुमको क्या लाऊंगा-
विजय डंका बजाते रहेंगे वहां से जब-
लौट आऊंगा: CS
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: CHANDRSHAER NVITA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मोटापा कम करने का घरेलू नुस्खा-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय मोटापा कम करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, मैथी के दाने को लेकर चूर्ण बना लें, उसके बाद उस चूर्ण को एक चम्मच का तीसरा हिस्सा लेकर सेवन करें और पानी पियें, ऐसा करने से मोटापा कम करने में लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9519520931. (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
कल तक संग्राम था पाकिस्तान से...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
कल तक संग्राम था पाकिस्तान से-
आज संग्राम है चीन से-
जब सबको पता है-
मिट्टी में मिलने के लिये थोड़ी सी जगह चाहिये-
किसी का रिश्ता नहीं ढेर सी जमीन से-
आज संग्राम है चीन से-
एकता के फूल टूट गये, आज ह्रदय के दाग से... (AR)
Posted on: Jun 20, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
ओ झीना झीना झीना रे उड़ा गुलाल...गीत-
गजेंद्र कुमार भोजका, अलीगढ (उत्तर प्रदेश) से एक गीत सुना रहे हैं:
ओ झीना झीना झीना रे उड़ा गुलाल-
माई तेरी चुनरिया लहराई-
झीना झीना झीना रे उड़ा गुलाल-
माई तेरी चुनरिया लहराई-
रंग तेरी रीत का रंग तेरी प्रीत का-
रंग तेरी जीत का है लायी लायी लायी-
रंग तेरी रीत का रंग तेरी प्रीत का... (AR)
