Impact : बिजली की समस्या हल हो गयी मदद करने वाले सभी साथियों धन्यवाद...
ग्राम-घनडबरा, ब्लॉक-बोड़ला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से पूर्णिमा साहू बता रही हैं गाँव में कई साल से बिजली की समस्या थी जिससे गांव वालों को बहुत परेशानी होती थी, रात में जहरीले जीवो का खतरा रहता था तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया जिसके बाद उनके गाँव में बिजली की समस्या हल हो गयी है और गाँव में बिजली लग गयी है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों और संबंधित अधिकारियो को धन्यवाद दे रहे हैं : संपर्क बंबर@8839014805.
Posted on: Jan 18, 2020. Tags: CG IMPACT STORY KABIRDHAM PURNIMA SAHU SONG VICTIMS REGISTER
Impact : संदेश रिकॉर्ड करने के बाद आंगनवाड़ी की समस्या हल हो गयी...
ग्राम-मरकानार, पंचायत-तुडपारास, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मदनलाल बता रहे हैं, उनकी पत्नी भुनेश्वरी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं वे आंगनवाड़ी की समस्या को लेकर आवेदन दिये थे लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा था तब उन्होंने 12 नवंबर 2017 को सीजीनेट में अपनी समस्या को रिकॉर्ड किया, जिसके बाद उनकी समस्या हल हो गयी है आंगनवाड़ी का काम हो गया है इसलिये वे मदद करने वाले सभी श्रोताओं और संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं |
Posted on: Jan 17, 2020. Tags: CG IMPACT STORY MADANLAL NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
ऐ पार नदी ओ पार नदी बीच में मुटियारी...गीत-
ग्राम-जलपुर, पोस्ट-गुरधा, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
ऐ पार नदी ओ पार नदी बीच में मुटियारी-
पान खाये मोह रचाये टुरी मुटियारी-
मोला मोहि डारे वो-
आबे गोरी बुले हमर पारा, गढ़े हे करम डारा मैं कर्मा नचाहूँ-
मया पीरित के बुने हवंव बुलेला...
Posted on: Jan 17, 2020. Tags: CG DINANATH PATEL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बिहार से बाल विवाह दहेज़ प्रथा को मिटाना है...गीत-
मुज़फ्फापुर (बिहार) से सुनील कुमार नशा मुक्ति, बाल विवाह और दहेज़ प्रथा को मिटाने के लिये 19 जनवरी 2020 को होने जा रहे अभियान में शामिल होने का संदेश देते हुये एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
बिहार से बाल विवाह दहेज़ प्रथा को मिटाना है-
ओ भाई साथ आओ ओ बहन साथ आओ-
मेरे बढे कदम से अपने कदम मिलाओ-
इस पाप की प्रथा को हम सबको भगाना है-
बहनों को बेटियों को इंसाफ दिलाना है...
Posted on: Jan 17, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
शूकर पालन और व्यवसाय...
प्रसार केंद्र, सामाजिक, सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुज़फ्फापुर (बिहार) से सुनील कुमार बता रहे हैं, आज जरुरत और अंग को ध्यान में रखते हुये आदि देश के युवा वैज्ञानिक तरीके से शूकर पालन व्यवसाय को अपनाते है तो वे राष्ट्रिय खाद्य व्यवस्था के साथ साथ पोषण सुरक्षा प्राप्त करते हुये, राष्ट्रिय आय में योगदान दे सकते हैं| शूकर पालन कम खर्च और कम जोखिम वाला व्यवसाय है, यह दुसरे पशुओं की तुलना में तेजी से वृद्धी करता है, सभी प्रकार के खाय पचा सकने और पौष्टिक मांस बनाने में सक्षम है, छ: माह में यह 60 किलो तक हो जाता है| यह कम समय में वयस्क हो जाता है, मादा शूकर एक बार में 8 से 12 बच्चे जन्म देती है, एक साल में 2 बार बच्चे देती है, ये खर्च का व्यवसाय है|
