बाइबिल के साथ जीना कितना आनंद है...मसीह गीत-
वाड्रफनगर, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सुकवंती मरावी एक मसीह गीत सुना रही है:
बाइबिल के साथ जीना कितना आनंद है-
रोगियों को जंगा करना-
मुर्दों को जिलाना-
कंगालों को शोषण कर सुनना-
कलसिया के साथ जीना कितना आनंद है...
Posted on: Aug 20, 2021. Tags: CG MASIH GEET SUKWANTI MARAVI SURAJPUR WADRAFNAGAR
पानी कि समस्या है, लोग दुर से पानी लाते हैं, कृपया मदद करें-
ग्राम पंचायत-मानपुर, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से धनेश्वरी बता रहे हैं, नके पारा में पानी की समस्या है, पारा के लोग नाला का पानी पीते हैं| पारा के 40 घर हैं जो इस समस्या से जूझ रहे हैं| पारा में पानी की समस्या को दूर करने के लिये आवेदन किये थे लेकिन कोई काम नहीं हुआ| इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर पानी की समस्या का निराकरण कराने में मदद करें: सम्पर्क नंबर@7909554802.
Posted on: Aug 18, 2021. Tags: DHNESHWARI DINDORI MANPUR MP PROBLEM WATER
Impact : राशन कार्ड नही होने से अनेक परेशानियां थी अब बन गया है...
जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से पार्वती नेताम बता रहे हैं, ऊनके राशन कार्ड नही बना था| राशन कार्ड नही होने के कारण बहुत परेशानी होती थी| कई बार आवेदन किये थे| लेकिन नही बना था| फिर उन्होंने सीजीनेट स्वर में संदेश रिकॉर्ड किये संदेश रिकॉर्ड करने के बाद सीजीनेट के साथियों की मदद से राशन कार्ड बन गया है|
Posted on: Aug 17, 2021. Tags: BIJAPUR CG IMPACT PARWATI NETAM RATION CARD
रे रे लोयो राला रेरेलोयो रला...गोंडी गीत-
ग्राम-पुसागाँव, पंचयात-पालकी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सोनारी, बसंती, मनी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रे लोयो राला रेरेलोयो रला-
रे रे लोयो रे रेला-
रेलो रेरेला रे रे लोयो
रला रे रे लोयो...
Posted on: Aug 12, 2021. Tags: CG GONDI MATRA NARAYANPUR SONG SUKHDAI
भूखे-मजदूर-किसानों के लिए, वीर नारायण सिंह ने अपना खून बहाया था...कविता
भागीरथी वर्मा, रायपुर, छतीसगढ़ से हैं. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अभी हाल ही में वीर नारायण सिंह का शहादत दिवस मनाया गया है. उसी सन्दर्भ में एक कविता का प्रस्तुत कर रहे हैं:
छतीसगढ़ के सोनाखान में, इंक़लाब का बिगुल बजाया था
भूखे-मजदूर-किसानों के लिए, वीर नारायण सिंह ने अपना खून बहाया था
सन 1856 के अकाल में
भूख से बिलखते, गरीब-किसानों के जीवन की रक्षा में
अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष चलाया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
सोये हुए आदिवासियों को, उस वीर ने जगाया था
बेईमानों को ललकारा था
ऐ लुटेरे ! तू खाली हाथ आया है, अब खाली हाथ ही जाएगा
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
जन आंदोलन देखकर, मक्कारों ने घबराया था
राजद्रोही बनाकर उस वीर को, जेल में ठूंसवाया था
जल्लाद अंग्रेज ने भी उस वीर के साथ, कैसा दुर्व्यवहार रचाया था
बीसों नाख़ून खींचकर, उँगलियों को लहू-लुहान बनाया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
10-दिसंबर-1857 का, वह मनहूस दिन भी आया था
देश के गद्दारों ने जयस्तंभ चौक पे, उस वीर को फांसी पर लटकाया था
उस वीर के शहीद होने से, छत्तीसगढ़ के धरती में मातम सा पसराया था
छतीसगढ़ के सोनाखान में...
