कभी चोरी लालच का न करो जीवन में व्योहार...भजन-
ग्राम-गारे, पोस्ट-सरईटोला, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समय सिदार एक भजन सुना रहे हैं:
कभी चोरी लालच का न करो जीवन में व्योहार-
जीवन के दिन चार हो-हो जीवन के दिन चार-
संतो की वाणी है वेदों का है ये वेद-
जिस थाली में खाओ उसमे करो न छेद-
कभी चोरी लालच का न करो जीवन में व्योहार...
Posted on: Dec 19, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMAY SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
डबरी निर्माण में काम किये थे 3 साल से पैसा नहीं मिला-
ग्राम-कलेपाल, पंचायत-तुरठा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चंदन बघेल और मनीराम कुसराम बता रहे हैं उन्होंने डबरी निर्माण में काम किये था जिसका मजदूरी भुगतान नहीं हुआ है काम किये 3 साल से ज्यादा हो चुके हैं पैसे के लिये आवेदन करते हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें : सुधीर कचलाम/संपर्क नंबर@6260578641. सरपंच@7489432403, सचिव@7999160704, CEO@9425263888.
Posted on: Dec 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT NARAYANPUR PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
प्रभु ईशु तू मुझे अपना जैसा बना...गीत-
जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से समय सिदार एक गीत सुना रहे हैं :
प्रभु ईशु तू मुझे अपना जैसा बना-
तेरी तरह चल सकूं-
तेरी तरह देख सकूं-
प्रभु ईशु तू मुझे अपना जैसा बना-
तेरी तरह गा सकूं-
तेरी आवाज मै सुनू-
तेरी वचन पर चलू...
Posted on: Dec 19, 2019. Tags: CG RAIGARH SAMAY SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
आज स्वागत कीजै गुरुवर, संत सुभागम आइये...सत्संग भजन-
ग्राम पंचायत-तुरठा, ब्लाक, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से जयमती पोटाई और सावित्री कोर्राम एक सत्संग भजन सुना रही हैं :
कीजै आज स्वागत नीत गुरुवर-
संत सुबागम आइये-
दुःख दुर्गुण दूर करिके सुदान्ता बनाइये-
ये जगमल की ज्ञान गर्जन शब्द बनाइये-
आज स्वागत कीज गुरुवर-
संत सुभागम आइये...
Posted on: Dec 19, 2019. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
नहीं हुआ है अभी सबेरा, पूरब की लाली पहचान...कविता-
चट्टी, जिला-ईस्ट गोदावरी (तेलंगाना) से राजू राणा किसान को लेकर एक कविता सुना रहे हैं :
नहीं हुआ है अभी सबेरा, पूरब की लाली पहचान-
चिडियों के जगने से पहले, खाट छोड़ उठ गया किसान-
खिला-पिलाकर बैलों को लेकर, करने चला खेत पर काम-
चिडियों के जगने से पहले, खाट छोड़ उठ गया किसान-
खिला-पिलाकर बैलों को लेकर, करने चला खेत पर काम-
नहीं हुआ है अभी सबेरा, पूरब की लाली पहचान...
