दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़...गज़ल -
ग्राम-रक्शा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह एक गज़ल सुना रही है:
दिल को बहला ले, इज़ाज़त है, मगर इतना न उड़-
आज सपने देख, लेकिन इस कदर सितारे ना देख-
सिर से सिने में कभी, पेट से पांव में कभी-
एक जगह हो तो कहे, दर्द इधर होता है-
जब किसी हताश व्यक्ति से, मिलन हो जाता है तो-
ऐसा लगता है की जीवन में, सफल होना संभव नही...
Posted on: Sep 19, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
राजू और देर से स्कूल पहुँचने की कहानी...
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-सुंदरगढ़पुर जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से उषा सिंह एक कहानी सुना रही है: स्कूल से राजू की शिकायत आई कि राजू स्कूल में टेस्ट नहीं दिया| वह सोच रहा था कि पता नहीं पापा कितना नाराज होंगे| पापा ऑफिस से आये तो मम्मी ने बताया राजू के स्कूल से फिर शिकायत आयी है आज वह फिर स्कूल देर से पहुंचा उसे टेस्ट में नहीं बैठने दिया प्रिंसिपल में आपको स्कूल में बुलाया है | पापा ने राजू को बुलाया और बोले पता है टेस्ट न देने का परिणाम क्या होता है तुम क्लास में सबसे पीछे रह जाओगे स्कूल जाने में देर कैसे हो गई | पापा मैं स्कूल जाते समय बीच सडक में कुत्ते के बच्चे को देखा यदि उसे मैं सडक पर छोड़ देता तो वह किसी गाडी के नीचे आ जाता मैं उसे उठाकर झाड़ियो के पीछे रखा तभी स्कूल बस निकल गई |
Posted on: Sep 18, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए, जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए...देशभक्ति गीत
ग्राम-रक्शा, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह गीत सुना रही है:
हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए-
गीता के लिए ना, कुरान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए-
धरती के लिए ना, आसमान के लिए-
हिन्दू के लिए ना, मुसलमान के लिए-
जीना है तो जी, हिन्दुस्तान के लिए...
Posted on: Sep 06, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
सकल जगत की आधार प्रभु मोरी सुन पुकार...गीत
ग्राम-रकसा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से चुनिया सिंह एक गीत सुना रही हैं :
सकल जगत की आधार प्रभु मोरी सुन पुकार-
बरमानन्द हो सवार गडुल परती दाई रे-
खेच रहे केश मेरी बेर से छुडाइये – पति हमारी सूरवीर धरम हैं तो धरय धीर-
आज हरी लाज मेरी आय को बचाइए-
चीर हरन करत हैं देर न लगाइए...
Posted on: Sep 02, 2017. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
सास बहू की कहानी...
ग्राम-रक्षा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से उषा सिंह उईके एक कहानी सुना रही हैं:
किसी गांव में सास और बहू रहते थे एक दिन सास ने कहा मै तीर्थ जा रही हूँ, जो दूध दही होता है उसे बेच कर पैसा एकत्र कर लेना इसके बाद वो चली गई, चैत्र वैशाख का महीना था उनकी बहू सारा दूध दही पीपल, तुलसी के पेढ पर डाल देती और खाली बर्तन ला कर रख देती, तीर्थ करने के बाद जब सास वापस आई तो पैसे मांगी तो बहू ने सारा दूध पीपल पर डालने की बात बता दी इस पर सास ने कहा जैसा भी हो मुझे पैसे चाहिए, तब बहू पीपल और तुलसी के पास जाकर बैठ गई कहा कि मेरी सास मुझे दूध दही के पैसे मांग रही है मुझे पैसे दो तब पीपल कहता है बेटी हमारे पास पैसे नही है, कंकड़ पत्थर है इन्हें ले जा वह उठा कर अपने घर ले आई जब सुबह सास ने पूछा पैसे दो तो बहू ने अपना कमरा खोला तो देखा कि हीरे मोतीयों से पूरा कमरा जगमगा उठा बहू ने कहा ले लो अपने पैसे, यह देखकर सास के मन में भी लालच आया और वह भी बहू के जैसे ही रोज़ दूध दही पीपल और तुलसी में डालने लगी और बदले में एक दिन बहू जैसे पैसे मांगने लगी पर उसे कुछ नहीं मिला इस कहानी से यह संदेश जाता है कि लालच नही करना चाहिए-
