तोरा मन दर्पण कहलाये, भरे बुरे सारे कर्मो को...भजन गीत
ग्राम-बरतीकला, थाना-पनमार, ब्लाक, तहसील-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं :
तोरा मन दर्पण कहलाये, भरे बुरे सारे कर्मो को-
देखे और दिखाए-
मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बड़ा ना कोए-
मन उजियारा जब-जब फैले जग उजियारा होय-
इस उजले दर्पण पर प्राणी धुल ना जमने पाय-
सुख की कलियां दुःख के कांटे मन सब का आधार...
Posted on: Mar 07, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी...बघेली लोक गीत -
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) नेत्रहीन विद्यालय के कक्षा-नौ के छात्र दयासागर कुशवाहा बघेली भाषा में एक लोकगीत सुना रहे हैं:
जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी-
रेशम डोरी जब निख लागे-
जब कोरा बालकबा होई रेशम की डोरी-
सोने घइलना जब निख लागे-
जब पातर धनिया होई रेशम की डोरी-
जल भरें हिलोर-हिलोर रेशम की डोरी...
Posted on: Mar 05, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो, तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो...देश भक्ति गीत
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दयासागर कुशवाहा होली की शुभकामनाएं देते हुए एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो, तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो-
तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो-
तुम्ही हो सांथी तुम्ही सहारे, कोई ना अपना सिवा तुम्हारे-
तुम्ही हो नईया, तुम्ही खेवईया-
जो खिल सके ना वो फूल हम हैं-
तुहारे चरणों की धूल हम हैं...
Posted on: Mar 03, 2018. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
लाल मिर्ची को बीजा रे, ऐ तो लागे मेरो जीजा...गोंडी लोकगीत
सागर सरयाम बीजापुर छत्तीसगढ़ से एक गोंडी लोकगीत सुना रही है:
लाल मिर्ची को बीजा रे-
ऐ तो लागे मेरो जीजा-
ऐल तो जीजा ले आन्दुल ओ गोई-
लाल मिर्ची को-
ऐल तो कव्वी नोल अन्दूल ओ गोई-
लाल मिर्ची को बीजा रे .ऐतो लागे-
ऐल तो मामा ले अन्दूल ओ गोई-
लाल मिर्ची ऐ तो-
ऐल तो काका ले अन्दूल ओ गोई-
लाल मिर्ची...
Posted on: Feb 14, 2018. Tags: SONG Sagar Saryam VICTIMS REGISTER
लाल मिर्ची को बीजा रे ये तो लगो मेरो जीजा...गोंडी लोकगीत
जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से सागर सरयाम एक गोंडी लोकगीत सुना रही हैं:
लाल मिर्ची को बीजा रे ये तो लगो मेरो जीजा-
येल तो जीजा ले आदुलो यो गोई-
लाल मिर्ची को बीजा रे ये तो लगो-
येल तो कविनोल आन्दुल यो गोई-
येल तो कविनोल आन्दुल यो-
येल तो मामा ले आन्दुल यो गोई-
लाल मिर्ची को बीजा रे ये तो लगो...
