लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
लहरों ने लूट लिया हमारे आन बान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे ऊँची शान-
लहरों ने ही लूट लिया हमारे अमूल्य जान-
कहीं अति कहीं सूखा, कहीं असमान खुला-खुला-
कही जल मग्न हो, लोगों को यह खा भूखा-
जूझ रहे कुदरत के कहर, गरीब अमीर बुद्धि जीवी भी...

Posted on: Aug 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ... देवी वंदना-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक देवी वंदना सुना रहे हैं :
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ-
तमनार के काली बन्दिन तोला बंदो ओ-
करिया पटिया चढ़ के आबे गाव भर मा किंदरबे ओ-
दुःख दण्ड ला दूर भगाबे लई क मन ला रखबे ओ-
जरिया के झरिया गोसाईन तोला बंदो ओ-
रात के पूजा पाबे दाई, गांव बर ला रखबे ओ...

Posted on: Aug 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे...बाल कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे-
उलवा-उलवा डार पान देखो कैसन डोलथे-
महुवा और आमा हर महुआ कुची आवथे-
सेमर हर फुलथे, अउ परसा लालिआवथे-
सरसों मा पियर-पियर फूल घलो आवत हे-
बसंत के जादू भुईया भुइया मनला ललचावथे...

Posted on: Jul 28, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मोपे संख उहाड़े रखी थी ओहे...ओड़िया भजन-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक ओड़िया भजन सुना रहे हैं :
मोपे संख उहाड़े रखी थी वोहे-
विश्व पती विश्वविहारी वो ते चक्का उहाडे-
वो साईं रखी वोहे
वो ते गदा उहाडे-
वो ते पदमा उहाड़े – वो ते आनत सैयारी सु आई थी वो ही...

Posted on: Jul 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

गरीब का कहाँ पुछारी...कहानी-

गर्मी का दिन था| एक गरीब किसान रामू बिना जूते पहने और बिना पानी साथ रखे जरुरी काम के लिये घर से निकल पड़ा| रास्ता बड़ा दूर था| पेड़ का छाव तक नही था| समय के साथ धूप तेज हुई और धरती गर्म हो गई| रामू दौड़ाने लगा और थक गया| रास्ते में एक बबूल का पेड़ मिला| जिसके नीचे वह आराम किया और फिर से चलने लगा|शाम तक रामू पहुंच गया| वहां पहुचने पर उसके मामा बहुत खुश हुए| लेकिन मामी खुश नही हुई| उसके बाद उसकी मामी ने महमानों के लिये बिना मन का खाना बनाया| जो रामू को अच्छा नहीं लगा और वह दूसरे दिन चला गया| ये सब रामू के मामा को अच्छा नहीं लगा| उसने अपनी पत्नी को कहा तुमने ठीक नहीं किया| घर पहुंचकर रामू ने अपनी माँ को उस व्योहार के बारे में बताया| माँ बोली इसीलिए मै जाने से मना कर रही थी| इससे सीख मिलती है हमारे व्योहार से ही हमारी पहचान होती है| इसलिये सोच समझ कर काम करना चाहिए|

Posted on: Jul 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

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