पीड़ितों का रजिस्टर: पुलिस वालों ने नक्सली समझकर जेल ले गयें...
ग्राम-आतुरबेड़ा, पंचायत-भैंसगांव, ब्लॉक-अंतागढ़, जिला-उत्तरबस्तर कांकेर, छ.ग. से सोमारू राम उसेंडी बता रहे हैं, मैं घर में अपने बच्चों के साथ चूल्हे के पास बैठा था, तभी पुलिस वाले आए और कहा आपको थाने में बुलाया गया है। वह अपने गांव के सरपंच और पटेल को लेकर गए और वहाँ उनसे पूछ-ताछ भी नहीं की और 1 सप्ताह भानुप्रतापपुर में रखा। फिर वहाँ से कांकेर जेल ले गए, 3 माह तक वहीं रहे फिर वहाँ से उन्हें जगदलपुर जेल में ट्रांसफ़र किया गया, 6 माह तक वहीं रहे फिर वहाँ से दुर्ग जेल में भेज दियागया वहाँ 8 माह तक रहे। फिर उनके घर वालों ने उनकी जमानत कराई, इस दौरान उनके लगभग 1.50 लाख रूपए खर्च हुए। सरकार की तरफ से अभी तक कोई सहयोग नहीं मिला है, सभी साथी से मदद कि अपील कर रहें है। संपर्क@7646869560.
Posted on: Jun 25, 2021. Tags: CG KANKER POLIC VICTIM REGISTER SOMARU USENDI VICTIM
पीड़ितों का रजिस्टर: 2001,2002 में घटना हुआ था, बहुत दिक्कतों को समाधान करना पड़ा...
ग्राम नीबरा, पोस्ट-कोलर, ब्लाक-अंतागढ़ जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बलराम हुड़का पिता फूलसिंह बता रहें है कि उनके पिता जी का घटना 2001,2002 में हुआ उस समय उनके माता पिता ने बहुत दिक्कतों को समाधान करना पड़ा परंतु कोई प्रकार के उन्हें मदद नहीं मिली इसलिए साथियों से अनुरोध कर रहे है शासन के तरफ से उन्हें मदद मिले अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9406281394. (185233) GT
Posted on: Jun 25, 2021. Tags: BALARAM HUDKA CGVICTIMS REGISTER KANKER VICTIM MAOIST
वनांचल स्वर: भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं...
ग्राम- बाँगाचार, ब्लॉक-दुर्गकोन्दल, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से हलबा जनजाति के सक्रिय सदस्य और पेशे से शिक्षक, भारत भंडारी जी महुआ के विषय में बता रहे हैं। उनके जीवन में प्रकृतिक, पूजा पाठ और विवाह की दृष्टि से महुआ का काफी महत्व है। महुआ का फूल फरवरी से अप्रेल के बीच में गिरता है। महुआ को बेचकर यह लोग अपना घर चलाते हैं। (MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG HALBA JANJATI KANKER VANANCHAL SWARA
पीड़ितों का रजिस्टर: जेल से आने के बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी और कुछ दिनों के बाद उनकी मृत्यु हो गयी|
ग्राम-निबरा, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से खोरी बता रहे हैं, वे पहले आमाबेड़ा कोलयारी गांव में रहतें थे, वर्तमान में अपना गांव छोड़ कर निबरा गांव में आकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं| उनके पति को पुलिस वालों ने नक्सली समझ कर जेल भेज दिया था, जेल से आने के बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी और कुछ दिनों के बाद उनकी मृत्यु हो गयी| अभी तक उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नही मिली है| (MS)
Posted on: Apr 01, 2021. Tags: CG KANKER KHORI VICTIM REGISTER
वनांचल स्वर: बुजुर्ग ने किया साहस प्रयोग के लिए दी ज़मीन-
ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जी ने बताया कि यह भूमि उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है उनके पूर्वज यहाँ 17वीं-18वीं शताब्दी के आस पास आए। ये अध्यापक थे। लोगो को जागरूक और वन बचाने के लिए संगठन बनाया और पंजीकरण भी करवाया । इसी को ध्यान रखते हुए अपनी जमीन पर एक प्रयोग किया नर्सरी बनवाकर, और कई तरह की विलुप्त होने वाली औषदियाँ भी लगाई। अब लोग जागरूक होने लगे हैं। गिलोय, भूलिम, आंवला के पेड़ लगाए गए। सुरक्षा का अभाव था, कार्यशालाएं भी चल रही हैं। हर वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस भी मनाते हैं। जब तक लोगो में जागरूकता और सहयोग नही है तब तक कोई सफलता नही मिलेगी। मुझे प्रकृति पर्यावरण पर आस्था है। या फ़िनलैंड से विदेशी आए थे, अमेरिका से भी कुछ दिन पहले यहां आए थे, दिल्ली से भी आते रहते हैं। (MS)
