तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ... देवी वंदना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक देवी वंदना सुना रहे हैं :
तोला बंदो ओ दाई तोला बंदो ओ-
तमनार के काली बन्दिन तोला बंदो ओ-
करिया पटिया चढ़ के आबे गाव भर मा किंदरबे ओ-
दुःख दण्ड ला दूर भगाबे लई क मन ला रखबे ओ-
जरिया के झरिया गोसाईन तोला बंदो ओ-
रात के पूजा पाबे दाई, गांव बर ला रखबे ओ...
Posted on: Aug 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे...बाल कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे-
उलवा-उलवा डार पान देखो कैसन डोलथे-
महुवा और आमा हर महुआ कुची आवथे-
सेमर हर फुलथे, अउ परसा लालिआवथे-
सरसों मा पियर-पियर फूल घलो आवत हे-
बसंत के जादू भुईया भुइया मनला ललचावथे...
Posted on: Jul 28, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
मोपे संख उहाड़े रखी थी ओहे...ओड़िया भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक ओड़िया भजन सुना रहे हैं :
मोपे संख उहाड़े रखी थी वोहे-
विश्व पती विश्वविहारी वो ते चक्का उहाडे-
वो साईं रखी वोहे
वो ते गदा उहाडे-
वो ते पदमा उहाड़े – वो ते आनत सैयारी सु आई थी वो ही...
Posted on: Jul 27, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
गरीब का कहाँ पुछारी...कहानी-
गर्मी का दिन था| एक गरीब किसान रामू बिना जूते पहने और बिना पानी साथ रखे जरुरी काम के लिये घर से निकल पड़ा| रास्ता बड़ा दूर था| पेड़ का छाव तक नही था| समय के साथ धूप तेज हुई और धरती गर्म हो गई| रामू दौड़ाने लगा और थक गया| रास्ते में एक बबूल का पेड़ मिला| जिसके नीचे वह आराम किया और फिर से चलने लगा|शाम तक रामू पहुंच गया| वहां पहुचने पर उसके मामा बहुत खुश हुए| लेकिन मामी खुश नही हुई| उसके बाद उसकी मामी ने महमानों के लिये बिना मन का खाना बनाया| जो रामू को अच्छा नहीं लगा और वह दूसरे दिन चला गया| ये सब रामू के मामा को अच्छा नहीं लगा| उसने अपनी पत्नी को कहा तुमने ठीक नहीं किया| घर पहुंचकर रामू ने अपनी माँ को उस व्योहार के बारे में बताया| माँ बोली इसीलिए मै जाने से मना कर रही थी| इससे सीख मिलती है हमारे व्योहार से ही हमारी पहचान होती है| इसलिये सोच समझ कर काम करना चाहिए|
Posted on: Jul 19, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
समय सब कुछ सिखा देता है...कहानी-
एक गांव था| गांव के मुखिया का नाम बंतराम था| उसके छोटे भाई का नाम सगिर्तन था| दोनों में गहरा प्रेम था| दोनों का परिवार एक साथ एक घर में रहते थे| दोनों भाई के दो लडके और एक लड़की थी| सब कुछ अच्छा चल रहा था| सभी का विवाह हो गया| लेकिन बच्चो का आपस में मेल नहीं था| जिसके कारण घर का बटवारा हो गया| सभी अलग-अलग रहने लगे| जिससे उनका समय एक ही काम को करने बर्बाद होने लगा| खर्च बढ़ गये| मुखिया और उसका भाई दोनों बूढ़े हो चुके थे| फिर भी काम करने जाते थे| और जवान बेटे कोई काम नहीं करते थे| समय बीता और एक दिन दोनों भाई का देहांत हो गया| अब बच्चो पर जिम्मेदारी आई | तब उनको पता चला घर चलाने के लिये कितना मेहनत करना पड़ता है|
