अमल-धवन गिरी के सिखरो पर बादल को घिरते देखा है...कविता-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश कुमार पटेल एक कविता सुना रहे हैं:
अमल-धवन गिरी के सिखरो पर बादल को घिरते देखा है-
छोटे-मोटे मोती जैसे उसके शीतल तुहिन कणों को-
मान सरोवर के श्रोणी कमलो पर गिरते देखा हैं-
छोटी-बढ़ी कई झीले हैं उनके श्यामल नील सनील में-
समतल देशों से आ आकर पवश की उमंग से आकुल...
Posted on: Sep 16, 2019. Tags: CG DURGESH KUMAR PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई...कविता-
प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मानमती मरावी एक कविता सुना रही हैं :
वर्षा आई वर्षा आई घने-घने बादल लाई-
गरजे बादल चमके बिजली पानी की बौछारे पड़ते-
नदी, तालाब, खेत भर जाते सभी किसान खुश हो जाते-
कार्तिक में दिवाली आई वर्षा गई तो सर्दी आई-
ठंडी हवा लगे है बहने कपडे गर्म सभी ने पहने-
गेहू चना शुरू है बुवाई जैसे हरियाली देखे है...
Posted on: Sep 15, 2019. Tags: CG MANMATI MARAVI POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
चिड़िया की पुकार...कविता-
IIIT नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र कोरेटी एक कविता सुना रहे हैं :
देख रही है बैठी चिड़िया, कैसे अब रह पायेंगे-
काट रहे सब पेड़ों को तो, कैसे भोजन खायेंगे-
नही रही रही हरियाली अब तो, केवल ठूंठ सहारा है-
भूख प्यास में तड़प रहे हम, कोई नही हमारा है-
काट दिये सब पेड़ों को तो, कैसे नीद बनायेंगे-
उजड़ गया है घर भी अपना, बच्चे कहां सुलायेंगे-
छेड़ रहे प्रकृति को मानव, बाद बहुत पछतायेंगे-
तड़प तड़प कर भूख प्यासे, माटी में मिल जायेंगे-
चीं चीं चीं चीं बच्चे रोते, कैसे उसे मनायेंगे-
गर्मी हो या ठंडी साथी, कैसे उसे बचायेंगे...
Posted on: Sep 04, 2019. Tags: CG POEM RAIPUR RAJENDRA KORETI SONG VICTIMS REGISTER
मैं अमर शहीदों का चारण...कविता-
ग्राम-पोलमी, जनपद-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अमर शहीदों का चारण, उनके गुण गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है, मैं उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है, याद शहीदों की हम लोगों ने दफनाई है-
यह सच है, उनकी लाशों पर चलकर आज़ादी आई है-
यह सच है, हिन्दुस्तान आज जिन्दा उनकी कुर्वानी से-
यह सच अपना मस्तक ऊँचा उनकी बलिदान कहानी से...
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: CG CHATURRAM SAHU KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
गुरु बनाओ जान के सीखो ज्ञान विज्ञान के...कविता-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक कविता सुना रहे हैं :
गुरु बनाओ जान के सीखो ज्ञान विज्ञान के-
संगीत है सुर और तान के-
सराहना होता है चरित्रवान के-
पानी पियो छान के सोना मच्छरदानी तान के-
रक्षा करो इंसान के, कभी काम करो अनुदान के...
