महुआ खवया जा तह आजा बे...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी महुआ पर एक स्वरचित छत्तीसगढ़ी रचना सुना रहे हैं:
महुआ खवया जा तह आजा बे-
महुआला रांधे ला हो से निभिया डार के
चना चोला बीजा डार के
खटिया में बैठके खाबो-
दोनों को ही मंजा मार बो-
आऊ महुआ के पानी लगा लो पिबो...
Posted on: Nov 04, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा...छत्तीसगढ़ी गीत
कन्हैंया लाल पडिहारी, तमनार ,रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
तै ठाढ़े रहबे गा, तै ओघरे रहबे गा-
मैं नून मिरचा लेके आवो तै ठाढ़े रहबे गा-
मैं ठाढ़े रहूं हो मैं उपरे रहूं हो-
तै जा नून मिरचा लेके आबो-
आमा खाएबड़ जाबो-
तै ओगरे रहेबे गा, मैं ओगरे रहूं हो-
मंजनिया के डेरा मा आम खाये जाबो-
ओही बेला में जाबो-
मैं कर लहु अपन बंद दुकान-
दाई दादा मन सुते रही ओही बेला मा जाबो-
आपन जिंदगी ला बनाबो...
Posted on: Oct 22, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
रुक जा पंछी इतना मत इतरा...ग़ज़ल
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं:
रुक जा पंछी इतना मत इतरा-
ये दुनिया रहती खफा-खफा-
यहाँ तेरा नहीं चलेगा कोई सफा-
कर सके तो कर दुनिया से वफ़ा-
Posted on: Sep 16, 2016. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
बागी बनले हिन्द के जवनवा बांधी के कफनवा...
बागी बनले हिन्द के जवनवा बांधी के कफनवा ये बिरना
भगत, सुभाष, चन्द्रशेखर हिन्द के ललनवा
खुदी राम बोस कईले खूब तुफनवा
खूनवा से सिंचले जवनवा बांधी के कफनावा ये बिरना
तब जाके मिली हमको ये आजादी, प्राणों से प्रीतम हमके इ बा आजादी
कवीर नानक मिली के दिहले अ देशवा बाधी के कफनावा ये बिरना
गंगा जी के धारा सिन्धु मारे ला हिलोर हो तबे जेक भईले सबेर हो
गाँधी जी के इहे बा ऐलानावा बांधी के कफनावा ये बिरना
केतना बलिदान भईले देश के कारनवा
झुकी नहीं झन्डा मोर चाहे जाई मोर परनवा
झंडा लहरे जाइ के गगनवा बाधी के कफनावा ये बिरना
एकता अखंडता के दीप जलावा सही कहा गलत हो हमें बतलावा
बेटा गावेला कन्हैया ललनवा यही बा ऐलानवा ये बिरना
