भानुप्रतापपुर का यह नाम कैसे पड़ा-कहानी...

ग्राम-खराटी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरसिंह पद्दा अपने गांव कहानी बता रहे हैं कि उनके ब्लॉक का नाम भानुप्रतापपुर कैसे पड़ा| यहाँ गढ़वासला में दंतेश्वरी माता का मंदिर है, यहां राजा कंडरा का राज था| यहीं से माँ दन्तेश्वरी की स्थापना हुई, यहां एक भानुप्रताप देव नामक राजा थे इसी के नाम से अभी भी भानुप्रतापपुर नाम से जानते हैं| आसपास 210 से 211 गांव आते हैं, सभी गांव के लोग यहां पूजा अर्चना करने आते हैं| जैसे कि दशहरा, बाल पर्व, नवरात्रि आदि पर्व मानते है| इस पहाड़ी के अंदर गुफा भी है, गुफा के अंदर मैदान भी है और यहां सभी लोग नहीं जा सकते| मांझी, गायता और समाज के लोग पूजा अर्चना करते हैं| वहाँ बाहर के लोगों का जाना मना है| सम्पर्क:- 9406477564(RM)

Posted on: Feb 28, 2021. Tags: STORY

पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सल समर्थक होने का आरोप लगाकर जेल भेजा गया था-

ग्राम-मेड़ो, पोस्ट-खोदापाका, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उदय सिंह पोटाई बता रहे हैं, रात को वे अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी पुलिस वाले आये और उन्हें गिरफ्तार कर दुर्गुकोंदल थाने ले गये| थाने में पुलिस वालों ने उनके साथ मारपीट की, उन पर नक्सल समर्थक होने का आरोप लगाया गया| उसके बाद 6 माह की सजा हुई| मामले की वकालत के लिये 20 हजार रुपये खर्च लगा| संपर्क नंबर@8770371674. (185526) RM

Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER VICTIM STORY

पीड़ितों का रजिस्टर

ग्राम-बुसकी, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उतर बस्तर, कांकेर (छत्तीसगढ़) से जगदेव मंडावी बता रहे हैं, 6 साल पहले वर्ष 2013 में सजा हुई थी| जिसके कारण एक साल जेल में रहे| घर की व्यवस्था बिगड़ गयी थी, परेशानियाँ हुई| 1.5 लाख रूपये उधारी लेना पड़ा| जेल से वापस आने के बाद मजदूरी कर पैसे वापस किये| उनका कहना है इस बीच सरकार से कोई मदद नहीं मिला| संपर्क नंबर@7587028358. (185533)RM

Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER VICTIM STORY

बुद्धिमान बीरबल -कहानी

जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी बता रहे हैं|
बुद्धिमान-बीरबल, एक बार बादशाह अखबर ने अपने दरबरियो से एक अजीब सा प्रश्न पूछा| ऐसी क्या चीज है जिसे चाँद और सूरज नही देख सकते| सभी दरबारी चुप थे उन्हें उत्तर नहीं मालूम था| कुछ देर सोच कर बीरबल बोले अँधेरा जहाँपना| अकबर उसके उत्तर से बहुत खुश हुए| पर वो अपने दरबारियों की कुछ और प्रश्न पूछ कर परीक्षा लेना चाहते थे| इसलिए उन्हेंने जमीन पर एक लकीर खिंच कर पूछा दोनों किनारों से मिटाए बिना ये लकीर छोटी कैसे की जा सकती है| दरबारी फिर से चुप रह गए| आखिर कोई बिना किनारा मिटाए लकीर को छोटा कैसे कर सकता है| और बीरबल के पास उसका भी हल था उसने धीरे से बादशाह से लकड़ी ली और पहली लकीर के समान्तर एक और लकीर खीँच दी, यह लकीर पहली लकीर से बड़ी थी| फिर वो बादशाह से बोले लीजिए अब आपकी लकीर छोटी हो गयी| (184335)GT

Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR

समय की कीमत...कहानी-

विकासखण्ड-सेंधवा, जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं, समय की कीमत एक वर्ष इसकी कीमत उस धरती से जिसने वर्ष भर रात दिन मेहनत की किन्तु अंतिम परीक्षा में अमुक्तियाँ हो गया, इनकी कीमत पुछियें समाचार पत्र संपादक से, इसके कीमत पूछिये ये मजदूर से जो अकेला कमाने वाला हो और उसे एक दिन काम ना मिला हो, उसकी कीमत पूछिये जिसका माँ अंतिम सांसे जिन्दा हो उसे माँ से मिलना हो, अथात प्रयास करने के बाद उसे पहले पहुचने के बाद बस छुट चुकी होती है|

Posted on: Feb 26, 2021. Tags: BADWANI MP STORY SURESH KUMAR

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