बज्जिका के बिगुल फुकबई...लोक गीत-

मालीघाट मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार (लोककलाकार) लोक कला कार एक गीत सुना रहें हैं-
बज्जिका के बिगुल फुकबई-
गवई राग और गान-
हम हतीयई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान-
सुर कबीर के सुनदर वाणी-
मीठी वाणी, सुन्दर वाणी-
नानक तुलसी के सुन्दर वाणी-
मीठी वाणी, सुनदर वाणी-
देश विदेश में फईलल हैं-
हई अप्पन पहिचान-
हम हई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान-
लिच्छवी, वैशाली,बलशाली-
हई दुनिया में शान-
श्रेष्ठ महावीर वर्धमान-
बुद्ध उपदेश महान-
इहाँ भेलई अम्बपाली-
गणिका महान-
हम हतीययई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान...

Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन...हिंदी गीत-

ग्राम-पहाड़िया, पोस्ट- पोस्ट-उसरार, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार ढालीएक गीत सुना रहें हैं-
सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन-
आओ सुनाओं तुम्हे कहानी-
एक था राजा एक रानी-
दोनों की अजबा कहानी-
सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन...

Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

गिरजा के बेटा तोला कैथे लबोदर महाराज...गणेश जी का गीत-

राधा साहू (माइका) छत्तीसगढ़ और (उत्तरप्रदेश) ससुराल से छत्तीसगढ़ी गणेश जी के एक भक्ति गीत सुना रहीं हैं-
गिरजा के बेटा तोला कैथे-
लबोदर महाराज-
भरे सभा माँ लाज बचा दे-
गजानंद महाराज-
गौरी के बेटा तोला कैथे-
लबोदर महाराज-
भरे सभा माँ लाज बचा दे-
गजानंद महाराज...

Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

गौरा मैया के हुए गणराज बधाई गाओ रे...गणेश जी गीत-

सरोज गुप्ता मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) से गणेश जी के एक गीत सुना रहीं हैं-
गौरा मैया के हुए गणराज-
बधाई गाओ रे-
पहली बधाई ले के ब्रम्हा जी पहुचें-
वेद पढ़लेह लगे कैलाश-
गौरा मैया के हुए गणराज-
बधाई गाओ रे...

Posted on: Aug 31, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी विचार व्यक्त कर रहे है...

एलेग्जेंडर एम. चेरियन जगदलपुर (छत्तीसगढ़) मेरे अनुसार नक्सलवाद राजनीतिक समस्या हैं इसकों समाप्त आसानी से किया जा सकता हैं जब तक राजनीतिक इच्छा शक्ति दृढ सफलता के साथ आम जन के बीच में जो उन क्षेत्र में रहतें है उन सभी से बात न करें जैसे अगर मैं दिल्ली भोपाल, रायपुर बड़े शहरों में रहकर उन नक्सलवाद समस्या को समाधान करने की सोच रखता हूँ तो मैं चाह के भी नहीं कर सकता हूँ नक्सलवाद आज सिर्फ उसी जगह में हैं जहा पर आज भी खनिज संपदा की आपार मात्रा में मौजूद हैं, और उसी क्षेत्र में एक ऐसा लाईट वर्ग पैदा हुआ और हिंसा को जन्म दिया और हिंसा के सहारे उस क्षेत्र के खनिज संपदा को लूटकर बाहर ले जाने लगा, यदि एक आम आदमी इसका विरोध करें तो उसकी हत्या हो जाती हैं, यदि आप लोगों की बारे में चिन्तित हैं, लोगों की सोच को उठाना चाहतें हैं, तो आप उनके निशाने पर आ जायेंगे, यदि उस क्षेत्र में लोगों की हत्या हो रहीं है तो उनके सुरक्षा के लिए नहीं आये हैं बल्कि उनमें दहशत फैलाकर उस क्षेत्र के खनिज संपदा को लुटने के लिए आये हैं समझने की कोशिश किया तो आज नक्सलवाद समाप्त हो चूका हैं, ये नक्सलवाद वो नक्सलवाद नहीं हैं, आज के नक्सलवाद लोगों की संपदा लुटने के लिए मल्टी नेशनल कम्पनी हैं जो चलता रहेगा और यह अपना रूप बदल-बदलकर सभी लोगों के बीच में आता रहेगा एलेग्जेंडर एम. चेरियन@9406480100

Posted on: Aug 31, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER

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