ये महुआ छोटे कोने लगावले बिजुरा...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
ये महुआ छोटे कोने लगावले बिजुरा-
कोने लगाये आमा अमेलिया महुआ छोटे-
कोने लगावले बिजउरा छोटे रे छोटे-
बईगा लगावे आमा अमेलिया महुआ छोटे-
बइगिन लगावले बिजउरा महुआ छोटे-
कए दिन लगावे आमा अमेलिया हो-
ये येहरे महुआ छोटे कोने लगावले बिजुरा...
Posted on: Jun 25, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं...कविता-
ग्राम-करौंटी, पोस्ट-बिहारपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवप्रताप सिंह एक कविता सुना रहे हैं :
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं-
अब अंधेरे को हटाना चाहते हैं-
हम सबो को सम बनाना चाहते हैं-
सब बराबर पर बिठाना चाहते हैं-
जो वहां सोना उगना चाहते हैं...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: DEVPRATAP SINGH SONG VICTIMS REGISTER
हय रे हाय पानी बरसत नईयाय भाई...पेंडरिया गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पेंडरिया गीत सुना रहे हैं :
हय रे हाय पानी बरसत नईयाय भाई-
कैसे-कैसे खेती कमाई, पानी बरसत नाइया भाई-
कैसे बुनी कोदो कुटकी कैसे बुनी धान-
कैसे-कैसे बुनी मकई पानी बरसत नईया भाई-
असाड कहर खेती ल हम सावन कमाई-
उमे नईया उपजा पता कामे लड़िका जियाई-
हाय पानी बरसत नईया भाई...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
5 साल से मुझे विधवा पेंशन नही मिल रहा है, बार बार बोलने पर भी अधिकारी ध्यान नही देते...
जेल्हापारा, ग्राम पंचयत-पासल, थाना-बिहारपुर, ब्लाक-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अस्पातिया बता रही हैं मुझे 5 साल से विधवा पेंशन नही मिल पा रहा है, जिसके करण उन्हें जीवन यापन करने में दिक्कत होती है, समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने सरपंच, सचिव के पास कई बार आवेदन किए लेकिन कोई ध्यान नही दिया जा रहा है, इसलिए वे परेशान होकर सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि इन नंबरो पर अधिकारियो से बात कर निवेदन करे जिससे विधवा पेंशन मिल सके :सचिव@9669593766, सरपंच@7994053088, CEO@9926192534, कलेक्टर@9826443377. संपर्क नंबर@9617164393.
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: MUKESH SINGH AYAM SONG VICTIMS REGISTER
ज्योत से ज्योत जगाते चलो...संघटन गीत
ग्राम-ताराडांड, पोस्ट-जमुड़ी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से अर्चना सिंह नेटी एक संघटन गीत सुना रही है:
ज्योत से ज्योत जगाते चलो-
प्रेम की गंगा बहाते चलो-
राह में आए जो दीन दुखी-
सबको गले से लगाते चलो-
जिसका ना कोई संगी साथी-
ईश्वर है रखवाला जो निर्धन है-
जो निर्बल है वह ही प्रभु का प्यारा-
आशा टूटी ममता रूठी छूट गया है किनारा-
बंद करो माँ द्वार दया का-
दे दो कुछ तो सहारा-
दीप दया का जलाते चलो-
प्रेम की गंगा बहाते चलो...
