हमारें गाँव में पीने का पानी सुविधा नहीं है डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीते हैं कृपया मदद करें
ग्राम-तिर्लापुरम,पंचायत-अमरावरम,ब्लॉक-पिनपाका,जिला-भद्रादि कोठागुडेम (तेलंगाना) से नूपा वासु अपनी कोया गोंडी में बता रहे है कि वे छत्तीसगढ़,जिला सुकमा से आये थे,15 साल से यहाँ रह रहे हैं,36 परिवार निवास कर रहे हैं लेकिन अभी तक पिने का पानी सुविधा नहीं है,डेढ़ किलोमीटर दूर से छोटा धारा से पानी लाकर पीते हैं,इसके लिए अधिकारियों के पास आवेदन पात्र दिया गए लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे है की सम्बंधित अधोकरियों से बात कर समस्या हल करने में मदद करें : संपर्क @9701722945, P.O@9490957005, कलेक्टर@8744243035 NM
Posted on: Jun 22, 2020. Tags: KOTHAGUDEM TELANGANA NUPA VASU WATER PROBLEM BHADRADI
मुक्ति सिलाये इशू नाम,शांति दिलाये इशू नाम...क्रिशचन गीत-
गाम पंचायत-इंजरम ब्लॉक-कोंटा जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से मरकाम ज्योति के साथ स्याम भद्रा हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक क्रिशचन गीत सुना रहे हैं:
मुक्ति सिलाये इशू नाम-
शांति दिलाये इशू नाम-
ईशु दया का बहता सागर-
इशू दया का बहता सागर-
ईशु है दाता महान-
ईशु है दाता महान CS
Posted on: Jun 22, 2020. Tags: KRISHACHAN SONG SONG SYAM BHDRA KONTA SUKMA CG VICTIMS REGISTER
कान्हा के बासुरी देने की कहानी : सुनील कुमार
मलीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
राधा का घर वृन्दावन से कुछ दूर हिडपल्ली गाँव में था, हर रोज उस गली में कान्हा बासुरी बजाते और राधा खिची चली आती, एक दिन कान्हा को मथुरा से जाना पड़ा, कान्हा को लेने आये रथ को गोपियों ने घेर लिया, कृष्ण ने बासुरी को राधा को दे दिया अब बासुरी जरुरत नहीं थी, पूरा वृंदावन दुःख में था, राधा को कोई फर्क नहीं पड़ा, क्यों कि वे उनकेआत्मा से जुड़ी थी| (AR)
Posted on: Jun 22, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG STORY SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मईया तो सुन ले मेरा पुकार...गीत-
ग्राम-इन्दरपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामचंद सिंह एक गीत सुना रहे हैं:
मईया तो सुन ले मेरा पुकार-
माँ शेरावाली ले ले न मेरा जोहर-
माँ मेहरो वाली ले ले न मेरा जोहार-
जग को बना दे दुःख को तू हर दे-
आया हूँ मईया तेरा द्वार माँ शेरावाली-
विपदा को हर दे झोली को भर दे-
विपदा को हर दे न मा, मा शेरोवाली... (AR)
Posted on: Jun 21, 2020. Tags: CG RAMCHANDRA SINGH SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
बुवाई से पहले बीजा पूजा करने की परंपरा आदिवासी समुदाय में...
भामरागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से सुरेश सोनवानी आदिवासी समाज के परंपरा के विषय पर रामदास मरावी से चर्चा कर रहे हैं, रामदास बता रहे हैं, बीज बोने से पहले उनके समाज में पूजा करने की प्रथा है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है, इस कार्यक्रम को वे बीजा पूजा के नाम से जानते हैं, इसमे केवल परिवार के सदस्य शामिल होते हैं, दूसरा परिवार शामिल नहीं हो सकता है, अभी बीजा करने का समय चल रहा है, इसके बाद ही बीज बुवाई का काम होगा| साल में एक बार इसे किया जाता है| (AR)
