आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर...गीत-
ग्राम-इंद्रबढ़ी, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से हेमंत कुमार श्रीवास एक हिंदी गीत सूना रहें हैं-
आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर-
दे दों जीवन दान मुझको, तुम हो बड़े दान वीर-
है निराशा है निराशा, आज मेरे भाग में-
जल रहा हैं मेरा जीवन, इस घुटन की आग में-
तुम जो चाहो तो बुझा दो, ग़म ये चिंगारी-
हा यही मैं जो तुम्हारें, तुम तो हो बड़ी दान वीर-
आत्मा बीन कुछ नही है, माटीका ये शरीर-
दे दों जीवन दान मुझको, तुम हो बड़े दान वीर...
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी विचार व्यक्त कर रहे है...
भागीरथी वर्मा रायपुर (छत्तीसगढ़) से जनमत सर्वेक्षण में बस्तर में शांति स्थापित कैसे होगी इस विषय में अपनी विचार रख रहें हैं बस्तर संसाधनों से भरा पड़ा है, यहाँ सरकार के द्वारा संसाधनों का दोहन करने की प्रकिया जोरों से चल रहा है, जिसका खामियाजा आदिवासीयों को भुकतना पद रहा है, सरकार चाहती हैं, आदिवासीयों को जंगल से भगाया जाए और संसाधन को अधिक से अधिक जल्द स जल्द दोहन किया जाएआदिवासी जंगल को बचाये रखना चाहता है, आदिवासियों का जीवन यापन जंगल पर निर्भर करता है, जंगल ख़त्म हो जाएगा तो आदिवासी भी ख़त्म हो जायेगा दूसरी तरफ नक्सवादी भी जंगल को बचाए रखना चाहते है इसलिए आदिवासी नक्सलियों से मदद लेते हैं और देते भी है | शांति प्रकिया के लिए सरकार और आदिवासीयों के बीच बातचीत कर हल निकाला जाए बंदूक से कभी शांति नही हो पायेगा बन्दुक से आदिवासी मरे या पुलिस मरे मरने वाला भारतवासी ही होगा दोनों मजदूर किसान के बेटे हैं, इसलिए बातचीत का ही रास्ता अपनाना चाहिए: भागरथी वर्मा@9039142049 RK
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी राय बता रहें हैं...
ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गोंडवाना राजकुमार पोया बस्तर में चल रहीं हिंसा में या बस्तर जनमत सर्वेक्षण में अपनी राय विचार पेश कर रहें हैं, आज से ठीक 40 साल पहलें सन 1980 में दंडकारण्य की जंगलों में आये और वह पर आंध्रप्रदेश, तेलन्गाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्यप्रदेश इस राज्यों में फैले हुये हैं माओवाद का प्रकोप है वास्तविक दृष्टि से देखो तो माओवाद आज के समय में माओवाद आदिवासीयों के बीच से है और पुलिसकर्मी भी आदिवासीयों के बीच से हैं, अगर आदिवासी ही इस एक दूसरें के विरोध में खड़े है, इसका मतलब हम अपने ही लोगों के जान के दुश्मन बने हैं मेरी रॉय से इन सभी पक्षों को किसी विशेष मंच को विचार-विमर्श करें और इन युद्ध में विराम की बिंदु लगायें क्योंकि इस देश और दुनिया में विवासी करनें वालें सभी एक सामान हैं और हम सब बराबर है इसमें किसी प्रकार की कोई भेदभाव नही रखना चाहिए : संपर्क@8103153059 (174496) RK
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 1 SONG VICTIMS REGISTER
बज्जिका के बिगुल फुकबई...लोक गीत-
मालीघाट मुज्जफरपुर (बिहार) से सुनील कुमार (लोककलाकार) लोक कला कार एक गीत सुना रहें हैं-
बज्जिका के बिगुल फुकबई-
गवई राग और गान-
हम हतीयई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान-
सुर कबीर के सुनदर वाणी-
मीठी वाणी, सुन्दर वाणी-
नानक तुलसी के सुन्दर वाणी-
मीठी वाणी, सुनदर वाणी-
देश विदेश में फईलल हैं-
हई अप्पन पहिचान-
हम हई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान-
लिच्छवी, वैशाली,बलशाली-
हई दुनिया में शान-
श्रेष्ठ महावीर वर्धमान-
बुद्ध उपदेश महान-
इहाँ भेलई अम्बपाली-
गणिका महान-
हम हतीययई सुनील कुमार-
बज्जिका अप्पन महान...
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन...हिंदी गीत-
ग्राम-पहाड़िया, पोस्ट- पोस्ट-उसरार, जिला-सतना (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार ढालीएक गीत सुना रहें हैं-
सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन-
आओ सुनाओं तुम्हे कहानी-
एक था राजा एक रानी-
दोनों की अजबा कहानी-
सुन-सुन मेरी प्यारी गुड़िया सुन...
