स्वास्थ्य स्वर : सिकलिन या सिकल-सेल बीमारी के लक्षण और घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी सिकलिन या सिकल-सेल बीमारी के लक्षण बता रहे हैं| खून की कमी होना, शरीर सफेद दिखाई देना, जल्दी थक जाना, सांस फूलना, चिडचिडा होना, खान पान में रूचि न होना, हांथ पैर की उंगलियों और जोड़ो में दर्द होना, लीवर का बढ़ जाना| इस तरह की समस्या हो रही हो तो सिकलिन की बीमारी हो सकती है| परिवार के अन्य सदस्यों में होने से भी हो सकती है| यदि इसके लक्षण दिखे, तो खून की जांच करायें|
घरेलू उपचार : एलोवेरा या गवार पठा का रस 50 ग्राम, गुड़ 10 ग्राम, हल्दी 5 ग्राम, अदरक 5 ग्राम सभी को मिलाकर भोजन के बाद सेवन करें| लगातार 3 माह तक सेवन करने से लाभ हो सकता है| खाने में मुनगा, आवला, खट्टा आम, इमली, पालक, आयरन युक्त पदार्थ का प्रयोग न करें| एक मुट्ठी अंकुरित चना नास्ते में सेवन करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
अक्षय तृतीया के दिन महुआ, चावल, रोटी बनाकर, दीप जलाकर पूजा करते है-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी बता रहे हैं| आज अक्षय तृतीया है| आज का दिन किसान के लिये बड़ा ख़ास होता है| किसान अपने खेती के साधनो का पूजा करता है| महुआ, चावल, रोटी बनाकर, दीप जलाकर पूजा करता है| अच्छा फसल होने की कामना करते है| वट वृक्ष पर धागा बांधकर पति की रक्षा की कामना करते हैं | इस समय विवाह का अच्छा मुहूर्त रहता है|
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG CULTURE KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
सूरज दादा सूरज दादा इतना न तड़पाओ न...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सूरज दादा सूरज दादा इतना न तड़पाओ न-
तपकर धरती जल रही है, कुछ तो नरमी खाओ न-
सूख रही है ताल तलैया, पानी को गरमाओ न-
गर्मी से रो रहे बच्चे हमारे, उनपे तरस खाओ न-
पशु पक्षी तड़प रहे हैं, कुछ तो समझ दिखाओ न-
सूरज दादा सूरज दादा इतना न तड़पाओ न...
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ये भी धोखा वो भी धोखा, जीवन ही एक धोखा है...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये भी धोखा वो भी धोखा, जीवन ही एक धोखा है-
संभल संभल कर जीना सीखो, धोखा को क्या कोई रोका है-
जीना यहाँ सबको यही है, मरना भी है सबको-
लेकर कुछ जाना नहीं, सोचना समझना है उसको-
देर किये तो पछताओगे, जल्दी भी है क्यों इतनी-
फुर्सत से सोचो समझो, जाना है दूर कितनी...
Posted on: May 07, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : स्वाश, दमा, खांसी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी स्वाश, दमा, खांसी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| हल्दी घी में भुनी हुई 50 ग्राम, मीठा सोडा 5 ग्राम, भुनी हुई सुहागा 5 ग्राम, गुड़ 50 ग्राम इकठ्ठा कर लें | हल्दी, सोडा और सुहागा को मिलाकर पाउडर बना लें| फिर उसे गुड़ में मिलाकर मटर के दाने के बराबर गोली बना लें, और छांव में सुखा दें| 2-2 गोली सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन करें, लाभ हो सकता है| मिर्च, मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करे, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें, ठंडी चीजों से बचें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
