हमारे गाँव का नाम ताडवैली कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी ( गोंडी भाषा में )

सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-ताडवैली, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां मोहन यादव की मुलाक़ात गाँव के बुज़ुर्ग कन्ना राम वड्डे से हुई है जो उन्हें गोंडी भाषा में उनके ताडवैली गाँव के नाम की कहानी बता रहे हैं कि उनके गाँव का यह नाम कैसे पड़ा: वे बता रहे हैं ये गाँव राजा समय का गाव है परालकोट परगना में एक राजा रहते थे- राजा की मदद से यहाँ पर बड़ा सा तालाब बना जिसे गोंडी में तड़ाई
कहते हैं फिर उसके बाद इसलिए इस गाँव का नाम ताडवैली पड़ा- इसी प्रकार यहां के पेड़ पौधो- व्यक्ति या जानवर आदि पर गाँवों के नाम रखे गए हैं जिनके बारे में गाँव के बुज़ुर्ग ही जानते हैं

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV STORY

री-री लो री री लोयो, दादा झेला आझी रोय दादा ले...गोंडी गीत

ग्राम-पाड़ेंगा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानकोबाई, गीता उसेण्डी, नगेबाई जनेबाई और सोनीबाई गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
री-री लोयो री-री लोयो हेला-
दादा झेला आझी रोय दादा ले-
री री लोयो री री लो-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनियां ता पाटा-
काड़ी इन्जोरे येलो ले-
मुने दुनिया ता पाटा-
आदे पाटा ये ओइ हलेन...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE SONG

वनांचल स्वर: पहले आदिवासी जंगल से सब्जी लाते थे, अब बाज़ार से लाते हैं और बीमार पड़ते हैं...

ग्राम-पाडेनगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नागेबाई गोंडी भाषा में बता रही हैं,पहले बस्तर के आदिवासी जंगलो से सब्जी ढूढ कर खाते थे|अभी के आदिवासी हर घर में सब्जी ख़त्म होने से सब्जी के लिए बाजारों में जा कर केमिकल सब्जी ख़रीद कर खा रहे हैं इसलिए अभी के लोगों को जल्दी बीमार पकड़ता हैं,और ज्यादा उम्र तक भी नहीं रह पाते. जंगलो में पाए जाने वाले सब्जिया: बांस की बस्ता,चरोटा बाजी,कोल्यारी बाजी, पहले के आदिवासी ये सब खा के अच्छे रहते थे, लेकिन अब सभी लोगों की खान पान में बदलाव आ गया है.बाजार से लाकर खाते है,पहले के लोग गोबर खाद बनाकर खेतो के लिए इस्तेमाल करते थे,और अभी दुकानों में पाए जाने वाले खाद का इस्तेमाल करते है-जिसके कारण लोग बीमार पड़ जाते है...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG FOREST GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE VANANCHAL SWARA

तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे...गोंडी हुलकी गीत -

ग्राम-आमगाव, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मंगलदाई और गंगाबाई एक गोंडी हुलकी गीत सुना रहे हैं :
तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे – गायतन लोनी वेहट रा पेकोरिट – गायतन लोनी वेहट रा लेयोर-
पुनवा मिह्नेक आयो रा लेयोरिट – पुनवान पूछे मायतोरोम पेकोरिट – अदे गायतन लोनु रा लेयोरिट – तेद्का तेदोर इनता रा लेयोरिट...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: ANTAGARH BASTIRAM CG GONDI HULKI KANKER SONG

Today's News from newspapers in Gondi 31st August 2018 -

दुर्ग : डेंगू के जिस वायरस ने दिल्ली में कहर बरपाया, वहीं दुर्ग में ले रहा जान – नईदुनिया-
कवर्धा . छत्तीसगढ़ : समस्या व शिकायत पर ध्यान नहीं, बंद पड़े हैं शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर -पत्रिका –
छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ी, गोंडी समेत आधा दर्जन बोली में सुनेंगे शिकायतें – दैनिक भास्कर -

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: GONDI NEWS SANOTI KAWDE

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