बगिया मा घुसा मोरा मिरगा बहेली अहू गोली न मारा...गीत
ग्राम-सुनहरा, पोस्ट-वीरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से पंचवती साकेत एक गीत सुना रहीं हैं:
बगिया मा घुसा मोरा मिरगा बहेली अहू गोली न मारा-
ये मिरगा मोरे ससुर जी के पाले-
सासू के प्राण पियारे के अउ गोली न मारा-
ये मिरगा मोरे जेठ जी के पाले-
जेठानी के प्राण पियारे के बहेली अउ गोली न मारा-
बगिया मा घुसा मोरा मिरगा बहेली अउ गोली न मारा...
Posted on: Jan 31, 2020. Tags: MP PANCHWATI SAKET REWA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : सफ़ेद दाग को ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी सफ़ेद दाग को ठीक करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, बाउची को 100 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें, हल्दी 30 ग्राम, सोंठ 30 ग्राम, नीम की पत्ती 30 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम लें सभी को पीसकर चूर्ण बना लें, उसके बाद एक एक चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार उबले पानी से सेवन करने से लाभ हो सकता है, भोजन में चना, मटर, बैगन, उड़द दाल, सेमी, गुड़, मछली का प्रयोग करें, नमक में सेंधा नमक का उपयोग करें, दूध से बनी चीज का उपयोग न करें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Jan 31, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAI SONG VICTIMS REGISTER
इस तिरंगे झंडे की बड़ी अमर कहानी है...गीत-
ग्राम-पिपरिया, ब्लाक-जवा, जिला रीवा (मध्यप्रदेश) से रीना देवी आदिवासी एक गीत सुना रही हैं:
इस तिरंगे झंडे की बड़ी अमर कहानी है-
लाल रंग का पताका ही मेरी खून की निशानी है-
सफ़ेद रंग पताका ही मेरे कफ़न की निशानी है-
हरा रंग पताका ही मेरी खेत की निशानी है-
झंडे इस तिरंगे की बड़ी अमर कहानी है-
लाल रंग का पताका ही मेरी खून की निशानी है...
Posted on: Jan 31, 2020. Tags: MP REWA RINA ADIVASI SONG VICTIMS REGISTER
हम होंगे कामयाब एक दिन...गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
हम होंगे कामयाब हम, होंगे कामयाब एक दिन-
मन है विश्वास पूरा है विश्वास-
हम होंगे कामयाब एक दिन-
नहीं डर किसी का आज, नहीं डर किसी का आज-
होगी शांति चारो, होगी शांति चारो एक दिन-
हम होंगे कामयाब एक दिन...
Posted on: Jan 31, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
गहरी होई गई नींदिया जगाय नहीं जागे हो...सोहर गीत-
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से पंचवती साकेत एक सोहर गीत सुना रहीं हैं:
गहरी होई गई नींदिया जगाय नहीं जागे हो-
आबा वही देश निकले है रामा दरस नही पाईन हो-
मात पिता का नही सेईन गुरु का नहीं जानिन हो-
आबे नही दिहा ब्रामण का दान दरस नहीं पाया हो-
मात पिता का हम सेविन गुरु का हम जनबए हो-
आबे देबई हम ब्रामण का दान दरस हम लेबई हो-
गहरिन होई गई नींदिया जगाय नहीं जागाय हो...
