क्या मिलता है जी शराब से...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
मुनिया ने पूछा अपने बाप से, क्या मिलता है जी शराब से-
जितना कमाते हो रोज तुम, कर देते हो इसमें रोज ग़ुम-
भरते हो घर को संताप से, क्या मिलता है जी शराब से-
खाने के लाले पड़े हैं, कई कर्ज वाले खड़े हैं-
दूर किया मुझको किताब से, क्या मिलता है जी शराब से-
माँ की आँखों में है पानी, अर्थहीन है ज़िन्दगानी-
सवाल कभी किया कभी आपसे, क्या मिलता है जी शराब से...
Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
स्वास्थ्य स्वर : साइनस रोग का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी साइनस रोग का
घरेलू उपचार बता रहे हैं, 1 ग्राम रीठा, 3 सुक्ता ग्राम लें दोनों को एक कप पानी में शाम को भिगोकर रखें और सुबह छानकर साफ़ करके एक शीशे में सुरक्षित रख लें, सुबह खाली पेट दो-दो बून्द ड्रॉप को 15-15 मिनट के अंतराल में सुबह-शाम डालने से साइनस में लाभ हो सकता है, इससे सिर की सभी प्रकार के बीमारियाँ दूर होती है। इन दिनों में खाने के बाद 4 लहसुन चबाकर ऊपर से गुनगुना पानी पी लेवें ऐसा लगातार 21 दिनों तक कर सकते हैं, ठंडी चीजों से बचें, सफाई का ध्यान दे, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें, नशा न करें, मैदा, शक्कर और ननमक का कम से कम प्रयोग करें अधिक जानकारी के दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
दूध पियो दारु के बदले, फिर होंगे नहीं जीवन में मसले...कविता-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
दूध पियो दारु के बदले-
फिर होंगे नहीं जीवन में मसले-
गाजर-मटर निसदिन खाओ-
इष्ट-पुष्ट तुम बदन बनाओ-
नशा नाश का जड़ है, जो इस से अलग होकर जिये-
उसके लिये ईश्वर है-
अपने दिल को बनाओ सदा सुख का केंद्र-
सन्देश याद रखना गंधर्व वीरेंद्र...
Posted on: Feb 03, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
देशी बीज और गोबर खाद के उपयोग कर खेती करते हैं किसान...
ग्राम-अरगट्टा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से थातित अन्ना बता रहे हैं उनका गाँव आदिवासी गाँव हैं वहां पर लोग खेती के लिये शहरी बीज का उपयोग नहीं कृते हैं बल्कि जो उगाते हैं उसे ही उपयोग करते हैं, वे देशी बीजो की खेती करते हैं, रोपा नहीं लगाते बुवाई करते हैं, वे जितना उगाते हैं उनके परिवार के लिये पर्याप्त होता है, खेती के लिये किसान केवल गोबर का उपयोग करते हैं|
Posted on: Feb 02, 2020. Tags: BABULAL NETI CG SONG STORY SUKAMA VICTIMS REGISTER
गोबर की लकड़ी से इकोफ्रेंडली होलिका दहन और दाह संस्कार...
अमलेश्वर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से रितेश बता रहे हैं वे एक पहल सेवा समिति से हैं उनकी संस्था गोबर की लकड़ी बनाने का काम करती है जिसका उपयोग होलिका दहन और दाह संस्कार के लिये किया जाता है, ये काम वे 3 साल से कर रहे हैं, आभी तक वे 150 लोगो का दाह संस्कार और 210 इको फ्रेंडली होलिका दहन कर चुके हैं |
रितेश@8319587016.
