घमंड करने से होता है नुकसान...कहानी -

एक किसान की दो लड़की थी ,बड़ी बेटी चुरकी तथा छोटी बेटी घुरकी। एक दिन बड़ी बेटी बोली मामा के यहाँ जाना है, किसान ने कहा जाओ लड़की जाने लगी, चलते चलते एक भैस मिली जिसने कहा मुझे चारा दे दो लेकिन उसने नहीं दिया और चली गयी अपने मामा के यहाँ पहुची तो वहां पर उसे सभी ने अनदेखा कर दिया वह वापस घर चली आई. इसके बाद छोटी लड़की गयी. भैस ने उससे भी ऐसे ही कहा तो उसने भैस को चारा दिया और अपने मामा के यहाँ पहुची तो सभी ने उसे गले लगाया और खूब खिलाया- पिलाया कुछ दिनों में बाद वापस घर आई तो सभी से उसने बताया लेकिन बड़ी बहन को अच्छा नहीं लगा क्योकि उसके साथ ऐसा नहीं हुआ था इसलिए लोग कहते हैं कि कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए| कन्हैयालाल पडियारी@9981622548

Posted on: May 25, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ों के झुरमुट...प्रकृति कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ो के झुरमुट-
इनके आगोश में रहकर मिलता स्वर्ग का सुख-
इनकी रक्षा करें, ये हमारे रक्षक-
इनको कर लो थोडा नमन...

Posted on: May 24, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

हमारे पारे में हैंडपंप नहीं होने से दूर से पानी लेकर आते हैं, कृपया अधिकारी को फोन कर मदद करें...

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा इस वक्त ग्राम-करंगरा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में पहुंची है जहाँ से कन्हैयालाल केवट के साथ गाँव के साथी मान सिंह जी जुड़े है जो उन्हें उनके गाँव में पानी की समस्या से बारे में अवगत करा रहे हैं वे बता रहे है कि उनके मोहल्ले में बोरिंग नहीं है जिससे पानी के लिए दूर जाना पड़ता हैं जिससे यहाँ के निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वे इस बारे में कई बार आवेदन कर चुके हैं पर अधिकारियों ने अब तक मदद नहीं की है अत:वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि इन अधिकारियों से बात कर दबाव बनाए जिससे इस समस्या का समाधान हो सके | राजकुमार सचिव@9516943161 पी.एच.ई.(जे.एल.महेला)@9893485805. केवट@8225027272

Posted on: May 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

आइना कतरा रहा है कुछ तो है...गजल -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक गजल सुना रहे हैं :
आइना कतरा रहा है कुछ तो है-
राग मीठा गा रहा है कुछ तो है-
धुप को क्यों पसीना आ रहा है-
खौफ क्यों घबरा रहा है कुछ तो है-
कूक उठती थी कोयल जो बाग़ में-
छोड़ कर अल्हड पतंगी क्यों-
बंदूके लहरा रहा है कुछ तो है-
मखमली सेजो पे जो सोया रहा-
तख़्त के आगोश में खोया रहा-
पालकीरथ में सदा था सवार-
आज पैदल जा रहा है कुछ तो है-
सरफरोशी की तमन्ना दिल में थी-
बस निगाह जीत का मंजिल में था-
पगों पे नजर टिकाये है सदा-
और सर खुजला रहा है कुछ तो है-
हमसफ़र हमनिवाला था मेरा-
संग हसने रोने वाला था मेरा-
अजनवी लगता है जाने आज क्यों-
दिल डूबा जा रहा है कुछ तो है
तुझपे हर ख़ुशी कुर्बान
तेरे जीने का सभी समा-
घर के कोने पर पड़ा बेजान सा-
खुद से बतिया रहा है कुछ तो है-

Posted on: May 21, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

एकता की कहानी...

ग्राम- तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी अपने नाती से एक कहानी सुन रहे हैं जो कक्षा दूसरी का छात्र है वह बता रहा है – एक किसान था जिसके 5 बेटे थे जो हमेशा आपस में लड़ते झगड़ते रहते थे. एक दिन किसान ने पाँचों बेटों को बुलाया और एक-एक डंडा सभी को पकड़ने को कहा और कहा इसको तोड़ो तो सभी ने अपने डंडे तोड़ दिये। इसके बाद बड़े बेटे को बोला सभी डंडों को एक साथ बाँध दो और फिर तोड़ने के लिए कहा लेकिन कोई नहीं तोड़ पाया इसलिए किसान ने कहा कि सभी मिल जुलकर रहोगे तो कभी हानि नहीं पहुंचेगी पर अलग-अलग रहोगे तो तुम्हारे विरोधी एक-एक कर तुम सभी को हरा देंगे, एकता में शक्ति है | कन्हैयालाल पडियारी@9981622548

Posted on: May 21, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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