सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार...फाग गीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक होली गीत सुना रहे हैं :
सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार-
सईंया कहे बहू लपटा बनाले, खावत मा होही जुआर रे-
मोर मनमा रहे सामाय सुंदर सावारिया-
सावन मा हो गए जुवार रे मोर मन मा-
सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार...
Posted on: Mar 08, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
जनकपुर ब्याहने आये सीता को, ब्याहने आये सीता को...होली गीत -
डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष कुमार अहिरवार अपने संगीत टोली के सांथ एक होली गीत सुना रहे हैं:
ब्याहने आये सीता को जनकपुर-
ब्याहने आये सीता को-
दसरथ के राजकुमार जनकपुर-
ब्याहने आये सीता को-
जनकपुर ब्याहने आये सीता को-
ब्याहने आये सीता को...
Posted on: Mar 04, 2018. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
मैं नहीं माखन खायो ना...होली गीत-
ग्राम-सरईमाल,जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक फाग गीत सुना रहे हैं:
अरे मैं नहीं माखन खायो रे मैया, मैं नहीं माखन खायो ना-
भोर होत गौवन के पीछे, मधुबन मोह पठायो रे मैया-
मैं नहीं माखन खायो ना-
अरे नाहक दोष लगायो, अरे नाहक दोष लगायो मैया-
तू काहे पतियायो रे मैया मोरी-
मैं नहीं माखन खायो ना...
Posted on: Mar 04, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पीपल पत्ती से ह्रदय रोग की रोकथाम का घरेलू नुस्खा
लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से चंद्रकांत शर्मा पीपल के पत्ते से ह्रदय रोग से बचने का एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिसमे कोई खर्च नहीं है और जिसे आसानी से आजमाया जा सकता है वे कह रहे हैं कि सबसे पहले पीपल के 15 कोमल पत्ते लेकर सभी को ऊपर और नीचे डंठल और कोन को काट लें, इसके बाद उसे धोलकर 300 ग्राम पानी में हल्के आंच से पका लें जब पानी कम होकर एक तिहाई बचे तब उसे साफ कपड़े से छान ले, बने हुए काढ़े को ढक कर रखे, तीन बराबर खुराक बना लें, इसको दिन में तीन बार भोजन करने के बाद लेना है 15 से 40 दिन तक सेवन करने से लाभ मिल सकता है अधिक जानकरी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करें चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Mar 02, 2018. Tags: CHANDRAKANT SHARMA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
अँधाधुंध अंधियारा रे अब तो अँधाधुंध अंधियारा लाल...होली गीत
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक होली गीत सुना रहे है:
अँधाधुंध अंधियारा रे-
अब तो अँधाधुंध अंधियारालाल-
यह घट भीतर बाघ बगीचा-
अँधाधुंध अंधियारा रे...
