हायरे हायरे हाय में नई नाचों एड़ी नाचे...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
हायरे हायरे हाय में नई नाचों एड़ी नाचे-
कहा जग बासी मांदर माय नई नाचों एड़ी नाचे-
काके ले लबारी दगा देहे हायरे नई नाचों एड़ी नाचे-
कहा जग बासी मांदर माय नई नाचों एड़ी नाचे-
कोन पारा मांदर कोन पारा-
बसिया में नही जानो मैना कहा ने-
हायरे हायरे हाय में नई नाचों एड़ी नाचे...
Posted on: Jul 25, 2018. Tags: HINDI SONG KAILASH SINGH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
किसी को मारना अन्याय है पर डराना जरूरी है...कहानी-
जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से ब्रजेश सिंह एक कहानी सुना रहे है, एक जंगल में एक अजगर रहता था, वह बहुत खतरनाक था, वह उस रास्ते से जाने वाले को काटकर मार डालता था, तब सभी उस रास्ते से आना जाना बंद कर दिए, एक दिन एक साधु सबके मना करने के बाद भी उस रास्ते से गुजरे, सांप ने उन्हें भी काटने की कोशिश की लेकिन महात्मा उसे अपनी शक्ति से रोक दिए और बोले ये गलत है, किसी के जीवन का नुकसान नही करना है, तब से उसने काटना छोड़ दिया, फिर गांव के लोग रास्ते से आना जाना करने लगे, और उस सांप को मार-मार कर घायल कर दिया, तब एक बार फिर महात्मा आये और उसकी हालत देखकर बोले मै तुम्हे काटने से मना किया था, फुफकारने या डराने से मना नही किया।
Posted on: Jul 25, 2018. Tags: BRIJESH SINGH REWA SONG STORY VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : जामुन के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़, बुंदेलखंड (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को जामुन के आयुर्वेद गुणों के बारे में बता रहे हैं, जामुन हमारे आस-पास पाई जाने वाली एक औषधीय वृक्ष है, इसके फल गहरे काले रंग के होते हैं, गर्मियों के दिन में फलते और पकते हैं, फल रसदार, मीठे होते है, पके हुए जामुन खाने से स्टोन (पथरी), मुंह में छाले, पेट में कीड़े, जैसी बीमारी के लिए अच्छा ईलाज है, जामुन के गुठली का चूर्ण बनाकर डायविटीज, शुगर के रोगियों को आधा-आधा चम्मच सुबह-शाम को पानी के सांथ खिलाने से लाभ मिल सकता है, यह हमे आसानी से मिल जाता है, जिसका हमारी आर्थिक जीवन में कोई फर्क नही पड़ता : राघवेन्द्र सिंह@9424759941.
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थय स्वर : औषधियों का विनाश विहीन विदोहन कर हम प्राकृतिक सम्पदा को बचा सकते हैं-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद सिंह राय संदेश दे रहे हैं कि हमें प्रकृति से प्राप्त औषधियों का ऐसा उपयोग करना चाहिए, जिससे कि औषधीय का मूल भी बचा रहे, और आगे आने वाली पीढ़ी उसका उपयोग कर सके, इसके लिए हमें किसी भी पेड़ पर लगे फलो को पूरा न तोड़के उसमे कुछ फल छोड़ देना चाहिए, जैसे 100 लगे है तो 60 उपयोग करे और 40 छोड़ दें, दूसरा कारण ये है कि जिस तरह इंसान बीमार पड़ते है वैसे ही जानवर भी बीमार पड़ते है, तब हम अपने पालतू पशुओ का ईलाज कर लेते है, लेकिन वन्य जीव जो जंगल में रहते हैं उनके लिए ये बचे फल ही काम आते है, और जिनका उपयोग नही हो पाता वे पौधे बनते जाते हैं, इस तरह से हम विलुप्त होते औषधियों को भी बचा सकते है |
Posted on: Jul 23, 2018. Tags: RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VICTIMS REGISTER
एक पैर से विकलांग हूँ, कई बार तीन पहिया वाहन के लिए आवेदन किया, कोई ध्यान नही देते हैं...
ग्राम-सिंघपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम बता रहे हैं वो एक पैर से विकलांग हैं, सामाजिक कार्यकर्ता हैं, उनके पास समाज सेवा के कई प्रमाण पत्र हैं, समाज सेवा के अलावा अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए उनके पास कोई अन्य साधन नही है, उन्होंने निशक्त सबल योजना अंतर्गत 20-06-2014 में 3 पहिया मोटर साईकल के लिए आवेदन किया था, अब तक वे कई अधिकारियों, कार्यालयों के पास अपनी समस्या को रख चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है, इसलिए वे सीजीनेट के श्रोताओं से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरों पर बात कर उनकी समस्या का निराकरण करने में मदद करे : विधायक@9424108817. संपर्क नंबर@9575248234.
