जिस समाज की भाषा ख़त्म हो गई हो वो समाज धीरे धीरे ख़त्म हो जाता है... (गोंडी भाषा में)
उत्तम आतला के साथ आज जुड़े है रानेश कोरचा जो कि तहसील-कुरखेड़ा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से है वे गोंडी भाषा के सबंध में बात कर रहे है गोंडी भाषा जीवित रहना जरुरी है क्योंकि जिस समाज की भाषा जिन्दा रहता है वो समाज जिंदा रहता है जिस समाज का भाषा ख़त्म हो गया हो वो समाज ख़त्म! शासन प्रशासन ने गोंडी भाषा को खत्म करने का षड्यंत्र बना रही है! जीवित रखने के लिए जैसे स्कूलो में मराठी, हिंदी के साथ साथ एक विषय होना चाहिए आदिवासी विभाग द्वारा चलाये जा रहे आश्रम स्चूलो में गोंडी भाषा में पढाई होनी चाहिए| भर्ती प्रक्रिया में गोंडी भाषिक लोगो को प्रथम स्थान होनी चाहिए |
Posted on: Jul 13, 2018. Tags: GONDI RANESH KORCHA
आदिवासी समाज में पूर्वज जो गुजर गए है उन्ही को देव के रूप में मानते है (गोंडी भाषा में)...
विकासखंड-भानुप्रतापुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ विष्णु पद्दा जी जुड़े है जो आदिवासियों के देवी देवता के बारे में जानकारी गोंडी भाषा में बता रहे है और कह रहे है कि आदिवासियों के देवी देवताओ को किसी ने बनाया नहीं है हमारे पूर्वज लोग जो गुजर गए है उन्ही को हम देव के रूप में मानते है! मरने के बाद उनके जीव को घर में लाते है और देव मानते है! घर के कोने में एक नया मटका में रखते है! यही सबसे बड़ा देव मानते है पर नई पीढी भूल रही है. प्रयास करना चाहिए कि आने वाली पीढी भूल ना जाये! कहाँ पे क्या करते थे हमारे पूर्वज लोगो का वह ध्यान रखना है|
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GONDI VISHNU DEV PADDA
बेसे पुंगर सालो रोय बेसे पुंगर सालो रोय हेलो...गोंडी गीत
ग्राम-एरुपगुट्टा, तहसील-पखांजूर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ कुछ महिलाये जुडी है जो एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो रे रेला रेला-
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो रे रेला रेला-
बेसे पुंगर सालो रोय बेसे पुंगर सालो रोय हेलो-
नना सालो दोहेनन नना सालो दोहेनन हेलो-
दोहोंन आयो दोहेनन दोहोंन आयो दोहेनन...
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GONDI SONG UTTAM ATALA
Today's news from newspapers in Gondi : 12th July 2018...
1.रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के संविलियन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के संबंध में मोर्चा के पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की।
2.रायपुर। पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के बीच तकरार की खबरों के बीच दिल्ली से रायपुर लौटे बघेल ने विवाद के अटकलों को खारिज किया।
3.चौदह सुत्रीय मांगों को लेकर पुलिस परिवार के आंदोलन पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस सेवा की स्थिति कई अन्य राज्यों की तुलना से बेहतर हैं|
4.छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चुनाव से पहले हजारों करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात जनता को सौंपने के सरकारी सपने को बड़ा झटका लग सकता है|
5.छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्मार्टकार्ड बनाने को लेकर अनियमितता और भेदभाव के आरोप को लेकर युवा कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का घेराव किया. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा भी वहां पहुंचे थे|
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GONDI GONDI NEWS NEWS UTTAM ATALA
स्कूल पढने वाली एक लड़की की कहानी (गोंडी भाषा में)
ग्राम-गुंदुल, तहसील-पखांजूर, विकासखंड -कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमा कडियम एक गोंडी कहानी बता रही है : स्कूल में एक नई लड़की ने प्रवेश लिया, सर ने क्लास में रूपा को परिचय कराया, इस क्लास में रूपा पढेगी फिर वे रूपा से बोली ,रूपा ! तुम्हारी सहपाठिने तम्हें बता देंगी कि वे कौन-कौन से पाठ पढ़ चुकी है कोई कठिनाई होने पर वे तुम्हारी सहायता करेगी | रूपा कम पढ़ती है ,रूपा कम बोलती थी ,वह चुप ही रहती थी उसकी सहपाठिन उससे बात करना चाहती थी ,लड़कियों ने भी दो -तीन दिन तो उससे बात करने की कोशिश की ,फिर वे अपनी-अपनी सहेलियों में मस्त हो गई, उन्हें लगा रूपा किसी से बात करना पसंद नहीं करती. एक दिन स्कूल से बच्चे पिकनिक सर मेडम लोग के साथ मनाने गये ,सबने सोचा ,रूपा नहीं जाएगी परन्तु पिकनिक के दिन रूपा ही पहले विद्यालय के फाटक पर खड़ी थी ,पिकनिक का स्थान छोटी झील का किनारा था ,ऊँचे-ऊँचे वृक्षों से घिरा यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत उपयुक्त था. पहाड़ी स्थल होने के कारण ऊँची-नीची भूमि पर खिले रंग -बिरंगे फूल और लतायें झील की शोभा और भी बढ़ा रही थी लड़कियां वहां जाकर हंसी. लडकियों के ठहाको से वातावरण गूंजने लगा. सभी इधर-उधर भाग कर अपने लिए अच्छे-अच्छे स्थान खोजने लगी. मेडम ने एक सुंदर जगह देखकर दरिया बिछवा दी और बोला पहाड़ के ऊपर इधर-उधर घूमने जाना नहीं चाहिये .पहाड़ में जंगल बहुत है | सभी एक साथ रहेंगे किसी को झगड़ा नही करना चाहिए | बच्चो को अच्छे खाना बनाकर खिलाएंगे बच्चे बहुत खुश हुये. मेडम और सर भी बच्चो के साथ बहुत खुश थे |
