हमारे मोहल्ले में हैंडपंप नहीं है, दूर से नाले का पानी लाकर पीते हैं बहुत सालों से अनुरोध कर रहे है
ग्राम पंचायत-गुम्माटोला, विकासखंड-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट साथ में गाँव के फलन सिंह, सीमा बाई, कुवर शाह मरावी, कुंती बाई, बृजलाल है जो बता रहे है कि इनके गाँव गुम्माटोला वार्ड 4 में हैंडपंप नहीं है जिसके कारण 25 घर के लोगों को दूर नाले से पानी लेने जाना पड़ता है इसके लिए सचिव, सरपंच से भी कहा गया लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं किये इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि इस समस्या के लिए अधिकारियों के फोन पर दबाव बनाये ताकि इनके यहाँ पानी की सुविधा हो सके | सचिव@9694507581, P.H.E.@9425253031. ग्रामीण साथी का संपर्क@9174975834, कन्हैयालाल केवट@8225027272.
Posted on: Jul 07, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
नान नान लईका मन सियानी बघारथे...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पढ़यारी छत्तीसगढ़ी बोली में एक रचना प्रस्तुत कर रहें हैं :
नान नान लईका मन सियानी बघारथे-
बुढा बबा के दाढ़ी-मेछा चुंदी ला लाल करर्या कर ढारथे-
बूढी दाई ला घलों सुघ्घर-सुघ्घर गोठ करकें पटा ढारथे-
ओकरों चुंदी मुड़ी ला घलो लाल करर्या कर ढारथे-
नवा-नवा गोठ करकें, हमला रिझाथे-
अपन बनाय रद्दा मा हमला रेंगाथे...
Posted on: Jul 01, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
चल जाबो पानी ढ़लाएबर आगे सावन महिना...छत्तीसगढ़ी सावन गीत
कन्हैयालाल पडियारी ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छतीसगढ़) से छत्तीसगढ़ी भाषा में सावन गीत सुना रहें हैं:
चल जाबो पानी ढ़लाएबर आगे सावन महिना-
चारो धाम मा जाबो,बारो ज्योतिलिंग मा पानी ढ़लाबो-
पानी ल ढ़लाके शिवजी ला मनाबो-
नवा-नवा प्रेम हावे ओला गाढ़ा बनाबो-
लगन निकालबो, बिहाऊ ला करबो-
रोज लइकामन जनावो की-
घर परिवार ला सुघर बनाबों-
सबके डगर में चलबो, नवा रस्ता बनाबो-
लोग लईकामन के जिंदगी ला संवारबो-
Posted on: Jun 30, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
धरती दाई तोर सेवा करो रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत-साल्हेघोरी, विकासखंड-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से रामबचन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
धरती दाई तोर सेवा करो रे-
रातो बिहानियाँ दाई पूजा करो मै तोर-
संझा बिहनिया दाई आरती लगाओं रे-
ऐ धरती दाई ज्ञान मोला तै देना रे-
संझा बिहनिया दाई सेवा करो रे...
Posted on: Jun 20, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
एक कहानी के अनुसार एक बारात को जादुई ताकत से भस्म कर दिया था इसलिए हमारे गाँव का नाम भस्कुरा पड़ा...
ग्राम-भस्कुरा, विकासखंड-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट यात्रा के साथी कन्हैयालाल केवट गांव के बुजुर्ग अमृतलाल यादव, श्यामलाल, सुन्दरलाल, दुर्जन सिंह, विक्रम सिंह रघुवर के साथ हैं, ये उन्हें बता रहे हैं कि इनके गाँव का नाम भस्कुरा कैसे पड़ा. प्रचलित कहानी के अनुसार प्राचीन समय में गांव में एक शादी हुई थी, बारात आयी हुई थी और इस शादी में दुर्भाग्य से बारात वाले और घर वालो में कुछ विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई तब आक्रोश में उस पूरे बारात को घर वाले या गांव के किसी व्यक्ति ने किसी जादुई ताकत से भस्म कर दिया तब से इस गांव का नाम भस्कुरा पड़ा इसके प्रमाण आज भी इस गांव में देखने को मिलता है आज भी इसके अवशेष इस गांव में है |
